जागरण संवाददाता, फरीदकोट

सेहत विभाग द्वारा नशे के खात्मे के लिए किए जा रहे कार्यो की समीक्षा एडीसी राजदीप सिंह बराड़ द्वारा बैठक में की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशे को खत्म करने के लिए मिलकर काम करें। इस मौके पर एसडीएम कोटकपूरा डा. निर्मल ओसेपना और असिस्टेंट कमिश्नर बलजीत कौर भी मौजूद रहीं।

एडीसी द्वारा कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। ओटी सेंटरों के प्रदर्शन का आकलन करने के अलावा उन्होंने डिपो, बडी और नशा मुक्त भारत अभियान जैसे कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। एडीसी बराड़ ने कहा कि नशा विरोधी अभियान के तहत पंजाब सरकार द्वारा स्थापित डिपो व बडी जिले में नशा मुक्ति में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिले में डिपो व बडी कार्यक्रमों के तहत डिपो समन्वयकों को प्रशिक्षण देने व स्कूली विद्यार्थियों में नशे के खिलाफ गतिविधियों में तेजी लाई जाए और सुबह की बैठक के बाद स्कूली विद्यार्थियों व आम जनता को जागरूक किया जाए।

उन्होंने समूह संबंधित विभागों को नशे के खिलाफ जागरूकता गतिविधियां तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में नशा मुक्त गांव बनाने के लिए सरपंचों के साथ बैठक करने के भी निर्देश दिए। स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस व अन्य विभागों के प्रदर्शन की समीक्षा की। उन्होंने समूह विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लोगों को निशुल्क कानूनी सेवाओं के बारे में जिला विधि सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी जागरूकता अभियान में अधिक से अधिक सहयोग देकर लोगों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आम जनता विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं के संबंध में टोल फ्री नंबर 1968 पर भी कॉल कर सकती है।

इस अवसर पर चिकित्सा अधिकारी डा. रणजीत कौर ने एडीसी के ध्यान में लाया कि जिले में नशे के इलाज के लिए 9 ओटी सेंटर, 4 नशा मुक्ति केंद्र और एक पुनर्वास केंद्र हैं, जहां दवा देने के बाद मुफ्त नशा मुक्ति की दवा, इलाज और परामर्श भी किया जाता है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि 10379 पंजीकृत दवा के मरीजों का इलाज चल रहा है।

Edited By: Jagran