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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कांग्रेस महिला नेता अनीता शर्मा और कमलेश चौधरी की घर वापसी, 2 महीने पहले AAP में हुई थीं शामिल

By Ankesh ThakurEdited By:
Published: Sun, 14 Nov 2021 03:47 PM (IST)

अनीता शर्मा को प्रदीप छाबड़ा ने आम आदमी पार्टी में शामिल करवाया था। शामिल करवाते ही उन्हें महिला विंग का ...और पढ़ें

रविवार को दोनों महिला नेताओं ने फिर से कांग्रेस का हाथ थाम लिया है।
रविवार को दोनों महिला नेताओं ने फिर से कांग्रेस का हाथ थाम लिया है।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। कांग्रेस पार्टी ने अब आम आदमी पार्टी को एक बड़ा झटका दिया है। दो माह पहले अनीता शर्मा और कमलेश चौधरी कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हुई थीं अब उनकी दोबारा घर वापसी हुई है। दोनों महिला नेता रविवार को कांग्रेस शामिल हो गई हैं। 

मालूम हो कि अनीता शर्मा को प्रदीप छाबड़ा ने आम आदमी पार्टी में शामिल करवाया था। शामिल करवाते ही उन्हें महिला विंग का अध्यक्ष भी बनाया गया था। लेकिन रविवार को कांग्रेस भवन में फिर से उन्हें ज्वाइन कराया गया है। जिसे कांग्रेस अपनी एक बड़ी कामयाबी मान रही है।

इस मौके पर अनीता शर्मा ने आम आदमी पार्टी पर कई आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि आप में कार्यकर्ताओं का कोई भी सम्मान नहीं है। जब वह आम आदमी पार्टी में शामिल हुई तो उन पर दबाव बनाया जा रहा था कि वह पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल के खिलाफ बयानबाजी करें। इसके लिए वह तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी में जाना उनकी एक गलती रही है, लेकिन उन्हें खुशी है कि वह वापस अपने घर कांग्रेस में आ गई हैं। अनीता शर्मा महिला कांग्रेस की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। अभी तक कांग्रेस छोड़कर कई नेता आम आदमी पार्टी में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस नेता यह भी दावा कर रहे हैं कि ऐसे बहुत से नेता आम आदमी पार्टी में के हैं जो इस समय कांग्रेस में आना चाहते हैं।

आम आदमी पार्टी के संयोजक प्रेम गर्ग का कहना है कि नेता आते हैं और जाते हैं यह सिलसिला तो लगा रहता है। उनका कहना है कि अनीता शर्मा पर कभी भी पवन बंसल के खिलाफ बोलने के लिए कोई भी दबाव नहीं डाला गया। अगर अनीता शर्मा यह बात साबित कर दे तो वह खुद अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। उनका कहना है कि वह कभी भी निजी तौर पर नेताओं के खिलाफ बयानबाजी नहीं करते हैं। वह पार्टी के खिलाफ नीतियों को लेकर आलोचना करते हैं।