मोहाली, जेएनएन। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) की ओर से कजौली वाटर व‌र्क्स से पानी लाने के लिए प्रयास शुरू किए जाने का दावा किया जा रहा है। लेकिन इस साल भी लोगों को ट्यूबवेलों व अन्य साधनों से मिलने वाले पानी से ही काम चलाना पड़ेगा, क्योंकि कजौली से आने वाली नई पाइपलाइन से मिलने वाले पानी को ट्रीट करने के लिए लगाया जाने वाला ट्रीटमेंट प्लांट अभी तक टेंडर प्रक्रिया से आगे नहीं बढ़

पाया है।

ध्यान रहे कि गमाडा की ओर से कजौली से जंडपुर तक फेज पांच-छह की लाइन 80 एमजीडी (3640 लाख लीटर) क्षमता की बिछाई है। लेकिन इस लाइन में पानी 40 एमजीडी (1820 लाख लीटर) ही पानी छोड़ा है। क्योंकि भाखड़ा में इनटेक ही 40 एमजीडी वाटर लेने के लिए है।

वहीं गमाडा की ओर से मोहाली के पांच एमजीडी पानी के लिए जंडपुर में यूजीआर नहीं बनाया। न ही जंडपुर से मोहाली तक पाइपलाइन ही बिछाई है। ऐसे में मोहाली के हिस्से का पांच एमजीडी (227.5 लाख लीटर) पानी कजौली से ही नहीं छोड़ा गया, इसलिए फेज पांच-छह की लाइन में कजौली से 35 एमजीडी (1592.5 लाख लीटर) पानी चंडीगढ़ तक छोड़ा गया।

इसमें से 3-3 एमजीडी (136.5-136.5 लाख) लीटर पानी चंडीमंदिर और पंचकूला को मिलेगा। टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के बारे अधिकारियों के पास ही जवाब है कि जल्द ही जारी कर दिया जाएगा। मामले में वाटर सप्लाई विभाग के एक्सइएन अनिल कुमार ने कहा कि पानी टेंडर आदि की प्रक्रिया गमाडा की ओर से की जानी है। जैसे ही गमाडा की ओर से इस काम को पूरा कर लिया जाएगा। पानी लोगों तक पहुंच जाएगा। पानी बचाने के लिए लोगों को अभी से जागरूक करना शुरू कर दिया गया है।

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