चंडीगढ़, जेएनएन। दिवाली के बाद अब नगर निगम ने शहर के बाजारों में बैठे वेंडर्स को शिफ्ट करने की तैयारी कर ली है। 4 नवंबर से वेंडर्स को वेंडिंग जोन में शिफ्ट करना शुरू कर दिया जाएगा। मंगलवार को इन्हें शिफ्ट करने के लिए कमिश्नर केके यादव के नेतृत्व में बैठक हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि सोमवार से वेंडर्स को पहचान पत्र देने के साथ-साथ तुरंत प्रभाव से शिफ्ट होने के लिए कहा जाएगा।

नगर निगम के अनुसार इस समय 3200 वेंडर्स का ड्रॉ निकाला जा चुका है जिन्हें शिफ्ट करना शुरू कर दिया जाएगा। ऐसे में अब सेक्टर-17 प्लाजा से सभी वेंडर्स हटा दिए जाएंगे क्योंकि नगर निगम ने प्लाजा को नो वेंडिंग जोन बनाने का फैसला लिया हुआ है। इस समय यहां पर 550 वेंडर्स बैठे होने के कारण प्लाजा फड़ी बाजार में तबदील हुआ पड़ा है। जबकि सेक्टर-22 और 17 से भी वेंडर्स को शिफ्ट किया जाएगा। इसके साथ ही अगले सोमवार को टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक भी बुला ली गई है। जिसमें जो छोटे-मोटे विवाद हैं, उसे सुलझाया जाएगा।

कमिश्नर ने इंजीनियर्स को लगाई फटकार

बैठक में कमिश्नर केके यादव ने बिना मंजूरी के सेक्टर-32, 19, 22 और 44 में दुकानों के आगे वें¨डग जोन की मार्किग करने पर इंजीनियर्स को फटकार लगाई। कमिश्नर का कहना है कि दुकानों के आगे वेंडिंग जोन न बनाने का फैसला टाउन वेंडिंग कमेटी में हो चुका है। इसके बावजूद मार्किग क्यों लगाई गई। ऐसे में अब यहां से मार्किग हटाई जाएगी। कुल रजिस्टर्ड वेंडर्स 9300 जिनमें से 3487 हो चुके हैं खारिज शहर में कुल 9300 रजिस्टर्ड वेंडर्स हैं जिनमें से 3487 वेंडर्स की फीस जमा न होने के कारण उनका लाइसेंस खारिज किया जा चुका है। नगर निगम के अनुसार सोमवार से 3200 वेंडर्स को शिफ्ट करना शुरू कर दिया जाएगा हालांकि नोटिस के बाद वेंडर्स के पास एक माह का समय है लेकिन पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट ने पिछले सप्ताह नगर निगम को चार सप्ताह में शहर से वेंडर्स को शिफ्ट करने के आदेश जारी किए हुए हैं। निगम के अनुसार एक हजार वेंडर्स इस समय ऐसे हैं जिनका ड्रॉ निकालना है। उनका ड्रॉ भी निकालकर उन्हें वेंडिग जोन में शिफ्ट कर दिया जाएगा। शहर में नगर निगम ने 42 वेंडिंग जोन साइट्स बनाई हैं जहां पर अब ये वेंडर्स बैठेंगे। वहीं, पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ वेंडर्स सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं।

चाय वाले नहीं होंगे शिफ्ट नगर

निगम के अनुसार इस समय जो चाय वाले अलग-अलग एरिया में बैठे हैं, उन्हें शिफ्ट नहीं किया जाएगा। लेकिन कई चाय वाले इस समय परांठे बेचने का काम भी कर रहे हैं। या तो उन्हें वें¨डग जोन में शिफ्ट होना होगा या फिर परांठे बनाने का काम छोड़ना होगा। चाय वालों के साथ-साथ नाई, मोची और धोबी भी शिफ्ट नहीं होंगे। सेक्टर-एक से छह तक के एरिया से भी सभी वेंडर्स शिफ्ट होंगे। नगर निगम ने इन सेक्टरों को भी नो वें¨डग जोन बनाने का फैसला लिया हुआ है।

22 हजार का हुआ सर्वे, लाइसेंस बने नौ हजार के

नगर निगम ने दो साल पहले शहर में 22 हजार वेंडर्स का सर्वे किया था लेकिन लाइसेंस सिर्फ नौ हजार के ही बने थे। बाकी वेंडर्स सर्वे के बाद दिखाई नहीं दिए। इसलिए ही सर्वे करने वाली कंपनी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। इन नौ में से अब करीब 3500 वेंडर्स के लाइसेंस खारिज हो गए हैं। ऐसे में अब शहर में 5500 वेंडर्स ही लाइसेंसशुदा हैं जोकि हर माह नगर निगम को लाइसेंस फीस जमा करवा रहे हैं। जिन 3487 वेंडर्स का लाइसेंस खारिज किया गया है, उनमें 2264 फड़ी वाले हैं। जबकि 467 मोबाइल वेंडर्स हैं जोकि गलियों में घूमकर अपना कारोबार करते हैं। इनमे 756 वेंडर्स में मोची, नाई, साइकिल रिपेयर करने वाला और धोबी शामिल हैं।

सेक्टर-15 में बनेगा सबसे बड़ा वेंडिंग जोन 

नगर निगम ने जो वेंडिंग जोन तय किए हैं, उनमें सबसे ज्यादा वेंडर्स सेक्टर-15 के डीएवी स्कूल में बैठेंगे। जबकि रेजिडेंट्स यहां पर वेंडर्स जोन बनाने का विरोध कर रहे हैं क्योंकि यहां पर पार्किंग की दिक्कत बढ़ जाएगी। नगर निगम कमिश्नर केके यादव का कहना है कि यहां पर 950 वेंडर्स को बैठाया जाएगा। कमिश्नर का कहना है कि अभी यहां पर वेंडिंग जोन बनाने का कोई पत्र रेजिडेंट्स की ओर से नहीं आया है। लेकिन इस मामले को सोमवार को होने वाली टाउन वेंडिंग कमेटी में सुलझा लिया जाएगा। इसी दिन से वेंडर्स को शिफ्ट करने के लिए कह दिया जाएगा।

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