जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ में क्रिकेट के लिए सिर्फ लड़के में ही नहीं बल्कि लड़कियां भी खूब क्रेजी हैं। लड़कियों में क्रिकेट का क्रेज बढ़ता ही जा रहा है। इस बात का अंदाजा ट्रायल में हिस्सा लेने वाली लड़कियों की संख्या को देखकर लगाया जा सकता है।

चंडीगढ़ में अंडर-19 व सीनियर टीम के ट्रायल चल रहे हैं। ट्रायल्स के लिए शहर की कुल 86 लड़कियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। इतना ही नहीं शहर की बेटियां तपती धूप में ट्राइल देने के लिए भी पहुंच रही हैं। सेक्टर-16 स्थित क्रिकेट स्टेडियम में शनिवार को पहले दिन 66 लड़कियां तपतपाती धूप में ट्रायल देने पहुंची थी।

यूटी क्रिकेट एसोसिएशन के आपरेशन मैनेजर मंजीत सिंह ने बताया कि साल दर साल यूटी क्रिकेट एसोसिएशन की तरफ से खेलने वाली महिला क्रिकेटर्स की संख्या में इजाफा हो रहा है। यूटीसीए को मान्यता मिलने के बाद पहली लिए गए ट्रायल में सिर्फ 40 महिला खिलाड़ियों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया था। दूसरी बार यह संख्या 60 तक पहुंची। इस बार यह संख्या बढ़कर 86 हो गई है। इतना ही नहीं पिछले तीन साल में लड़कियों के खेल में भी काफी सुधार हुआ है।    

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"मैंने लगातार पिछले तीन वर्षों से यूटीसीए के लिए खेल रही हूं। हम हर सीजन में काफी अच्छा खेले। पिछले सीजन में बारिश ने टूर्नामेंट खलल डाला और हम केवल दो ही मैच खेल पाए। बावजूद इसके हम काफी कम अंतराल से मैच हारे। हमने गेंदबाजी और बल्लेबाजी में काफी बेहतर किया, लेकिन फील्डिंग खराब रही। इस बार हम अपनी फिटनेस और फिल्डिंग पर ज्यादा काम करेंगे।

                                                                                  -काशवी गौतम, तेज गेंदबाज,महिला क्रिकेटर

"मैं पिछले पांच साल से क्रिकेटर खेल रही हूं और मौजूदा समय में यूटीसीए की तरफ से बतौर तेज गेंदबाज खेलती हूं। पिछले साल मैं यूटीसीए अंडर -19 टीम की हिस्सा थी। मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा औऱ इसी वजह मैं इस साल नेशनल क्रिकेट अकादमी का हिस्सा बनी। जब आप खेल में आगे बढ़ते हो, तो आपका खेल के प्रति समपर्ण और खुद के प्रति आत्मविश्वास भी बढ़ता है। मैं खुद को भविष्य के लिए तैयार कर रही हूं।

                                                                                                           -मानवी तोमर, महिला क्रिकेटर

"नेशनल क्रिकेट अकादमी में प्रेक्टिस के दौरान हमें अलग -अलग कोचों से खेल से जुड़ी तकनीक व फिटनेस पर काफी कुछ नया सीखने को मिला। कोचों ने मेरे खेल को परखते हुए मुझे गेंदबाजी पर फोकस करने को कहा है। मैं आलराउंडर के तौर यूटीसीए टीम का हिस्सा रही हूं। मैंने पिछले साल अंडर -19 में खेलते हुए दो मैचों में 90 रन और चार विकेट हासिल किए थे।  

                                                                                                     -आराधना, महिला क्रिकेटर

"मैं अभी नेशनल क्रिकेट अकादमी ज्वाइन कर लौटी हूं। मैंने पिछले साल यूटीसीए की अंडर -19 टीम का हिस्सा थी, बतौर लेग स्पिनर मैंने दो मैचों में दो विकेट लिए थे। इस बार मैंने काफी मेहनत की है। इसके अलावा काफी ज्यादा क्रिकेट खेलने से टीम में भी तालमेल बढ़ा है। जिसका नतीजा हमें इस सीजन में देखने को मिलेगा।  

                                                                                                       -इशाना चड्ढा, महिला क्रिकेटर

Edited By: Ankesh Thakur