राजेश ढल्ल, चंडीगढ़ : ट्रिब्यून चौक पर बनने वाले फ्लाईओवर के आड़े 472 पेड़ आ रहे हैं जिनमें से 150 पेड़ों को रीट्रांसप्लांट किया जाएगा। इन पेड़ों को रॉक गार्डन और सुखना लेक के बीच में बने सिटी फॉरेस्ट में रीट्रांसप्लांट किया जाएगा। वीरवार को सलाहकार मनोज परिदा के नेतृत्व में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। पेड़ों को रीप्लांट करने के लिए लोकल एक्सपर्ट राहुल महाजन को नियुक्त कर दिया गया है। इसके अलावा टीम का गठन कर दिया गया है जोकि पेड़ों को रीप्लांट करेगी। बैठक में मुख्य वन संरक्षक अधिकारी और चीफ इंजीनियर मुकेश आंनद ने भी भाग लिया। इसके साथ ही जो पहले यह प्रस्ताव तैयार किया गया था कि वियतनाम से पेड़ों को रीप्लांट करने के लिए विशेषज्ञ बुलाए जाएंगे, उस प्रस्ताव को टाल दिया गया है। अब लोकल एक्सपर्ट महाजन की सलाह से पेड़ रीप्लांट किए गए हैं। मालूम हो कि बागवानी विशेषज्ञ राहुल महाजन ने ही शहर में सबसे पहले पेड़ को रीप्लांट किया था। जिसके बाद प्रशासन और नगर निगम पेड़ों को रीप्लांट करने लगा है। मीटिग में सलाहकार ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा पेड़ों को बचाया जाए। 150 के अलावा बाकी बचे पेड़ों को काट दिया जाएगा। पेड़ों को रीप्लांट करने के लिए राहुल महाजन कोई राशि नहीं लेंगे। जबकि प्रशासन महाजन को पेड़ों को रीप्लांट करने के लिए मशीनरी उपलब्ध करवाएगा। ऐसे में बहुत जल्द रीप्लांट करने का काम शुरू हो जाएगा। जनवरी माह में काम शुरू होने की है उम्मीद, हाई कोर्ट पहुंच गया था मामला

फ्लाईओवर के लिए पेड़ काटे जाने की सूचना और पेड़ों पर निशान लगाए जाने के बाद यह मामला तूल पकड़ गया था। प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ मामला हाई कोर्ट तक पहुंच गया था। लेकिन हाई कोर्ट ने फ्लाईओवर को शहर की जरूरत बताते हुए हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया था। इसके बाद ही प्रशासन फ्लाईओवर प्रोजेक्ट के लिए इन पेड़ों को काट रहा है। प्रोजेक्ट के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया टेंडर कर रहा है। इसके लिए बजट भी एनएचएआइ ही खर्च करेगा। मालूम हो कि इस प्रोजेक्ट के लिए प्रशासन ने 158 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला है। उम्मीद है कि जनवरी, 2020 में ट्रिब्यून चौक के निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। इस परियोजना की आधारशिला यूटी के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने तीन मार्च 2019 को रखी थी। यह फ्लाईओवर और अंडरपास बनने से शहर के सबसे व्यस्त चौराहे पर ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। साल 2016 में सांसद किरण खेर के प्रयास से इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली थी। यह है सिटी फॉरेस्ट

सिटी फॉरेस्ट सुखना लेक के साथ रॉक गार्डन की पिछली साइड बनाया गया है। पहले इस एरिया में स्मृति उपवन था लेकिन कैंबवाला के गंदे नाले ने इस जंगल को बर्बाद कर दिया था। उसके बाद केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट के तहत इस गंदे नाले के पानी को देसी तरीकों से साफ कर एरिया को फिर से हरा-भरा बनाया गया। इसमें आठ किलोमीटर वॉकिग ट्रेल और विजिटर्स हट तक बनाए गए हैं। अब इसी सिटी फॉरेस्ट में बर्ड पार्क डेवलप किया जा रहा है। इससे पहले ट्रिब्यून चौक पर बनने वाले फ्लाईओवर के लिए जो कमेटी गठित हुई थी, उसने 566 पेड़ों को काटने की मंजूरी दी थी लेकिन अब पेड़ों की संख्या 472 हो गई है।

Posted By: Jagran

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