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गोल्डी बराड़ ने क्यों की थी आतंकी हरदीप निज्जर की हत्या? वायरल ऑडियो में बताई असली वजह, 3 साल बाद क्यों कबूला?

Published: Sun, 23 Aug 2026 12:14 AM (IST)Updated: Mon, 24 Aug 2026 06:10 AM (IST)

आतंकी गोल्डी बराड़ ने कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जिम्मेदारी ली है।

गोल्डी बराड़ ने ली आतंकी निज्जर की हत्या की जिम्मेदारी। फाइल फोटो

गोल्डी बराड़ ने ली आतंकी निज्जर की हत्या की जिम्मेदारी। फाइल फोटो

HighLights

  1. गोल्डी बराड़ ने निज्जर की हत्या की जिम्मेदारी ली।

  2. निज्जर की हत्या कनाडा में 18 जून 2023 को हुई थी।

  3. बराड़ ने इसे अपने भाइयों की हत्या का बदला बताया।

रोहित कुमार, चंडीगढ़। आतंकी घोषित गोल्डी बराड़ ने कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जिम्मेदारी ली है। निज्जर की 18 जून 2023 को कनाडा में हत्या की गई थी।

अब करीब तीन साल बाद इंटरनेट मीडिया पर सामने आए एक कथित आडियो में गोल्डी बराड़ आतंकी परमजीत सिंह उर्फ पम्मा से बातचीत में दावा करता सुनाई दे रहा है कि निज्जर को उसी ने निशाना बनवाया था। हालांकि, इस आडियो की पुष्टि नहीं हुई है।

ऑडियो में बराड़ कहता है कि उसके भाइयों की हत्या के बाद सुक्खा दुनेके और अर्श डल्ला जैसे लोग निज्जर की कोठी में रहते थे। बराड़ के मुताबिक, जिन कोठियों में बैठकर उसके भाइयों को मरवाने की साजिश रची गई, वे उन्हीं लोगों की थीं। इसी वजह से उसके भीतर निज्जर को लेकर गुस्सा था और वह उसे छोड़ना नहीं चाहता था।

गुरु घर की इज्जत के लिए बाहर आने का किया इंतजार

ऑडियो में बराड़ कहता है कि गुरु घर की इज्जत के कारण गुरुद्वारा परिसर के भीतर गोली नहीं चलाई गई। हमलावरों ने निज्जर के बाहर आने का इंतजार किया। बराड़ के अनुसार, उसे लगा था कि अर्श डल्ला भी निज्जर के साथ गाड़ी में मौजूद है। अगर उस समय अर्श डल्ला भी मारा जाता तो उसे बार-बार सफाई देने की जरूरत नहीं पड़ती।

गेट के बाहर घेरकर की गई थी फायरिंग

हरदीप सिंह निज्जर की 18 जून 2023 को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया स्थित सरे में एक गुरुद्वारा परिसर के बाहर गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। उपलब्ध घटनाक्रम के अनुसार, निज्जर अपने ट्रक में पार्किंग से बाहर निकल रहा था।

तभी एक सफेद रंग की सेडान कार उसके वाहन के सामने आकर रुक गई और रास्ता रोक दिया गया। इसके बाद दो नकाबपोश हमलावरों ने निज्जर की ड्राइविंग सीट की तरफ से ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। हमलावरों ने करीब 50 राउंड फायरिंग की थी।

इनमें से 34 गोलियां निज्जर को लगीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। फायरिंग के बाद दोनों हमलावर गुरुद्वारा परिसर से भागकर पास की गली में पहुंचे, जहां एक सिल्वर रंग की कार उनका इंतजार कर रही थी। इसके बाद वे फरार हो गए।

हत्या के बाद भारत पर लगा था आरोप

निज्जर की हत्या के बाद कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत सरकार के एजेंटों की संभावित भूमिका का आरोप लगाया था। भारत सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें बेतुका और राजनीति से प्रेरित बताया था। इस मामले के बाद भारत और कनाडा के संबंधों में भी काफी तनाव पैदा हुआ था।

2024 में भारत ने आतंकी घोषित किया था बराड़

गोल्डी बराड़ को भारत सरकार पहले ही आतंकवादी घोषित कर चुकी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जनवरी 2024 में उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित किया था। उस पर हत्या, जबरन वसूली और आतंकी गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क संचालित करने के आरोप हैं।

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी उसका नाम प्रमुख आरोपित के तौर पर सामने आया था।