चंडीगढ़, जेएनएन। ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए एंलाते मॉल में पीटीई (पीअरसन टेस्ट ऑफ इंग्लिश) टेस्ट के दौरान धांधली का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि टेस्ट में वास्तविक कैंडिडेट की जगह किसी और को बैठाया गया था। तीनों आरोपितों की पहचान पंजाब के जिला फतेहगढ़ साहिब निवासी सुखमिंद्र सिंह और उसके दो अन्य साथी सेक्टर-48 निवासी अमित गिल और नयागांव निवासी मनदीप सिंह के रूप में हुई है।

सुखमिंद्र सिंह खन्ना में ट्रेवल एजेंट का बिजनेस करता है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट सिमरन सिंह की कोर्ट में पेश कर उन्हें पूछताछ के लिए दो दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि धांधली में और कितने लोग शामिल हैं। कितने कैंडिडेट से अब तक पैसे वसूल कर उन्हें बाहर भेजा जा चुका है। इसके अलावा यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस मामले में कोई इमीग्रेशन एजेंसी भी शामिल थी या नहीं। सात अक्टूबर को इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस को दी शिकायत में नोएडा स्थित पिअरसन इंडिया एजुकेशन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के रिप्रजेंटेटिव शतांशु कुमार ने बताया था कि उनकी कंपनी अन्य कंपनियों के लिए कंप्यूटर पर आधारित एग्जाम लेती है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए होने वाले पीटीई टेस्ट जोकि आइलेट्स की तरह होता है, इस परीक्षा का आयोजन एलांते मॉल के फोर्थ फ्लोर स्थित पीअरसन वीयूई सेंटर में करवाया था। यह सेंटर उनके नोएडा स्थित पिअरसन इंडिया एजुकेशन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड की ही शाखा है। इस परीक्षा के बाद बैंड देने की बजाय स्कोर दिए जाते हैं। उन्हें शिकायत मिली थी कि इस सेंटर में परीक्षा दिलवाने के नाम पर गड़बड़ी चल रही है और सेंटर का मैनेजर मनदीप सिंह इसके लिए लोगों से लाखों रुपये वसूल कर रहा है।

 

परीक्षा से पहले कैंडिडेट की फोटो कर लेते थे स्कैन

शतांशु कुमार ने अपनी शिकायत में कहा गया था कि उन्हें मालूम हुआ था कि जो कैंडिडेट इस परीक्षा में फेल हो जाते हैं, वह 15 दिन बाद फिर परीक्षा देने आते हैं और वह अच्छे नंबर से पास हो जाते हैं। जबकि हर बार प्रश्न पत्र अलग होते है। जब उन्होंने मॉल में लगे सीसीटीवी की फुटेज चेक की तो पता चला कि सेंटर इंचार्ज परीक्षा से पहले कैंडिडेट के पासपोर्ट पर लगी तस्वीर और उनके हथेलियों के सैंपल तक स्कैन कर लेता है। परीक्षा शुरू होते ही कैंडीडेट चुपचाप बाथरूम में चला जाता और उसकी जगह कैंडिडेट के कपड़ों के रंग जैसे कपड़े पहनकर दूसरा कैंडिडेट परीक्षा देने चला जाता था। इसके अलावा जो असली कैंडिडेट बाथरूम गया था वह बाथरूम के पास बने इमरजेंसी एग्जिट गेट से बाहर निकल जाता था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सेंटर इंचार्ज मनदीप सिंह के खिलाफ आइपीसी की धारा-419, 420 और 120बी के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।

 

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Posted By: Vikas Kumar

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