IVF से दूसरा बच्चा करने की मिली अनुमति, पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने 50 वर्षीय महिला को दी बड़ी राहत
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने कनाडा में रहने वाले एक दंपती को राहत देते हुए 50 वर्ष से अधिक ...और पढ़ें
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IVF से दूसरा बच्चा करने की मिली अनुमति। फाइल फोटो
HighLights
हाई कोर्ट ने 50 पार महिला को आइवीएफ की अनुमति दी।
भ्रूण निर्धारित आयु सीमा में बनाए गए थे।
दंपती को मेडिकल जटिलताओं का अंडरटेकिंग देना होगा।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने कनाडा में रहने वाले एक दंपती को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करते हुए 50 वर्ष से अधिक आयु की महिला को आइवीएफ के माध्यम से दूसरे बच्चे के लिए एम्ब्रियो ट्रांसफर की अनुमति दी है।
न्यायमूर्ति जगमोहन बंसल ने स्पष्ट किया कि जब एम्ब्रियो महिला की निर्धारित आयु सीमा के भीतर बनाए गए थे, तो बाद में उम्र बढ़ने के आधार पर प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई जा सकती।
कोर्ट ने याचिका मंजूर करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता एक दिन के भीतर संबंधित प्राधिकरण को यह अंडरटेकिंग देंगे कि उपचार से उत्पन्न किसी भी मेडिकल जटिलता की जिम्मेदारी उनकी होगी।
एक एम्ब्रियो से बेटी का जन्म
दंपती ने 2019 में आइवीएफ सेंटर का रुख किया था, जब उनकी उम्र क्रमशः 47 और 48 वर्ष थी। 17 दिसंबर 2019 को प्री इम्प्लांटेशन जेनेटिक टेस्टिंग के बाद चार एम्ब्रियो तैयार किए गए थे, जिनमें से एक एम्ब्रियो से बेटी का जन्म हुआ।
तीन एम्ब्रियो अभी भी अस्पताल में सुरक्षित हैं। असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलाजी एक्ट, 2021 के तहत 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए ऐसी प्रक्रिया पर रोक है।
हालांकि, कोर्ट ने यह माना कि महिला अब भी स्वस्थ हैं और दूसरी गर्भावस्था में कोई गंभीर चिकित्सीय बाधा नहीं है। याचिकाकर्ता के वकील ने पहले के फैसले का हवाला देते हुए राहत की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया।
