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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 07, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

12 साल के जयवीर के नावेल 'द डबल फोर्स एंड द फालेन किंगडम' का विमोचन, एडवेंचर पर आधारित है नावेल

By Ankesh KumarEdited By:
Published: Sat, 07 Nov 2020 01:50 PM (IST)

इस नावेल को लिखने वाले जयवीर सिंह सेंट जोंस स्कूल सेक्टर-26 के स्टूडेंट हैं और उन्होंने 238 पेज के इस ...और पढ़ें

जयवीर सिंह कत्याल के नावेल द डबल फोर्स एंड द फालेन किंगडम का विमोचन ।
जयवीर सिंह कत्याल के नावेल द डबल फोर्स एंड द फालेन किंगडम का विमोचन ।

चंडीगढ़, जेएनएन।12 वर्षीय जयवीर सिंह कत्याल के नावेल द डबल फोर्स एंड द फालेन किंगडम का विमोचन चंडीगढ़ में किया गया। जयवीर सिंह सेंट जोंस स्कूल सेक्टर-26 के स्टूडेंट हैं और उन्होंने 238 पेज के नावेल को लिखकर एक मील का पत्थर स्थापित किया है। उनको यह नावेल पूरा करने में तीन वर्ष का समय लगा। उनका यह नावेल एडवेंचर पर आधारित है। उनके नावेल का विमोचन सेंट जोंस स्कूल की प्राचार्या कविता दास ने चंडीगढ़ लिट्रेरी सोसायटी और सेंट जोंस ओल्ड ब्याज एसोसिएशन के सहयोग से किया।

द डबल फोर्स एंड द फालेन किंगडम को नोशन प्रेस डांट काम ने पब्लिश किया है। इसके बारे में सुप्रीत कौर ने बताया कि यह जोन और जेरेमी की कहानी है। दोनों जु़ड़वा भाई हैं। दोनों ही भाई एडवेंचर की तलाश में रहते हैं। लेकिन उनको एडवेंचर मिलता नहीं। एकबार बसंत के मौसम में एक डकैत उनके शांतिपूर्ण शहर में हंगामा मचाना शुरू कर देता है। इसके बाद एक हत्या होने के बाद माहौल काफी तनावपूर्ण होने लगता है। पुलिस भी इस मामले में साक्ष्य नहीं जुटा पाती। एेसे में दोनों भाइयों के लिए खुद को साबित करने का एक शानदार मौका आता है। वह दोनों ही इस मिशन पर निकल पड़ते हैं। वह एक कुछ शक्तिशाली व्यक्तियों के बीच पहुंच जाते हैं। इस दौरान दोनों भाई एडवेंचर और मिस एडवेंचर की सीरीज में चलते जाते हैं।

कई लेखकों ने सराहा

इस मौके पर मोटिवेशनल स्पीकर और पूर्व आईएएस अधिकारी विवेक अत्रे ने कहा कि उनको जयवीर सिंह का प्रयास शानदार है। इस मौके पर पंजाब स्टेट इनफारमेशन कमिश्नर खुशवंत सिंह ने कहा कि हार्डी ब्वायज की सीरीज आई थी और यह भी एक शानदार सीरीज है। उन्होंने कहा कि इस किताब में दम है कि इसकी वेब सीरीज बनाई जा सके। इस मौके पर लेखक नील कमल पुरी ने युवा लेखक को प्रोत्साहित किया और कहा

कि यह एक अच्छा नावेल है। इस मौके पर सजोबा के रिप्रेजेंटेटिव संदीप सैनी और नरेश नंदा ने कहा कि यह शानदार प्रयास है।

जयवीर ने बताया कि वह प्रत्येक सप्ताह के अंत में वह इस नावेल को लिखने में साठ से नब्बे मिनट लगाते थे। हरेक चैप्टर को लिखने के बाद वह उसको अपने खास दोस्तों और परिवार को शेयर करते थे। वह सभी इसमें कमेंट देते थे। धीरे धीरे यह नावेल दस हजार शब्दों से चालीस हजार शब्दों तक पहुंच गई। जयवीर ने कहा कि उन्होंने नावेल को अपने दिमाग में आने वाले आइडिया पर लिखना शुरू किया। उन्होंने कहा कि यह नावेल प्यार, एडवेंचर और रहस्य पर आधारित है। इस मौके पर कविता दास ने कहा कि एेसे स्टूडेंट्स द्वारा नावेल लिखना वास्तव में चमत्कार है। यवीर ने साबित कर दिया है कि कोई भी सपना बड़ा या छोटा नहीं होता है। यदि कोई अपनी पूरी निष्ठा से इसमें लग जाता है तो वह सपना पूरा कर ही लेता है। इस मौके पर साहित्य अकादमी द्वारा सम्मान प्राप्त कंवलप्रीत मौजूद रहीं।