जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : पंजाब यूनिवर्सिटी में शनिवार को वर्ष 2020 की पहली सिंडीकेट बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पीयू वीसी प्रो. राजकुमार ने कैंपस में खाली पड़े 26 असिस्टेंट प्रोफेसरों के पद जल्द भरने की बात कही। लेकिन सिंडीकेट सदस्यों ने इस मामले में अपना अड़ियल रवैया बरकरार रखा। 26 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती को लेकर पहले भी पीयू प्रशासन द्वारा विज्ञापन दिया गया था लेकिन सिंडीकेट ने अपनी पिछली बैठक में इसे रद करने का फैसला किया। उस समय भी सदस्यों ने वीसी के आदेशों की पूरे सदन में धज्जियां उड़ाई थी। शनिवार को भी ऐसा ही मंजर एक बार और देखने को मिला। असिस्टेंट प्रोफेसरों की पोस्ट को भरने के लिए सिंडीकेट सदस्यों द्वारा जोरदार चर्चा की गई और रिक्त पदों को भरने से पहले रोस्टर तैयार करने की सलाह दी गई। उच्चस्तरीय समिति का हुआ गठन

सिंडीकेट सदस्यों की सलाह पर पीयू वीसी ने फैलो एंड सिडीक्स की एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जिसमें अशोक गोयल, राजेश गिल, रजत संधीर, नवदीप गोयल, जीआर चौधरी शामिल हैं। असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती को लेकर पहले इस समिति ने तीन पदों को मंजूरी दी और उसके बाद हुई बैठक में अन्य छह पदों को मंजूरी मिली। शनिवार को आयोजित हुई सिंडीकेट बैठक से पहले, वीसी ने सिडीक्स से अपील की कि वे इन खाली पदों को भरने के लिए पीयू को अनुमति दें ताकि एमएचआरडी द्वारा अधिक पदों को भरने की अनुमति दी जा सके। वीसी के आदेश किए अनसुने

हालांकि सिंडीकेट सदस्यों ने वीसी की अपील पर कोई ध्यान नहीं दिया और विश्वविद्यालय में सभी नियुक्तियों को रोस्टर बनाए जाने तक सर्वसम्मति से प्रतिबंधित कर दिया। इस संबंध में कुलपति ने अगस्त हाउस को सूचित किया कि उन्होंने रोस्टर समिति को इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए 31 जनवरी निर्देशित की थी। लेकिन इस बीच इन नौ पदों को भरने की प्रक्रिया की शुरुआत हुई जो सभी पहलूओं को देखते हुए समिति द्वारा की गई थी। 2860 की हुई यूएसडी निर्धारित

इस बैठक में बोर्ड ऑफ फाइनेंस की सिफारिशों को भी मंजूरी दे दी गई। सिडीकेट ने अकादमिक और प्रबंधकीय कमेटी की ओर से एनआरआइ स्टूडेंट्स के लिए एमएससी, फॉरेंसिक साइंस एंड क्राइमनोलॉजी की फीस को लेकर सिफारिशों को भी मुहर लगाई। अब इन छात्रों की फीस 2860 यूएसडी रखी गई है। नॉन टीचिग स्टाफ की जेबों पर चली कैंची का विरोध

पीयू में करीब 50 वर्षो से यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों को पंजाब सरकार की ओर से मिल रहे सचिवालय वेतन को खत्म करने का मामला भी बैठक में लाया गया। जिसका विरोध करते हुए कर्मचारियों ने इस पर दोबारा विचार करने की बात कही।

Posted By: Jagran

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