राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। नवजोत सिंह सिद्धू ने भले ही प्रदेश प्रधान पद से दिए गए इस्तीफे को अभी तक वापस नहीं लिया है, लेकिन उन्होंने पार्टी के कामकाज को करना जारी रखा है। लखीमपुर खीरी के लिए कांग्रेस का मार्च निकालने के बाद मंगलवार को सिद्धू ने प्रदेश व जिला कार्यकारिणी को गठित करने के लिए आयोजित बैठक में हिस्सा लिया। अहम बात यह है कि यह बैठक कांग्रेस भवन के बजाय पंजाब भवन में हुई।

इस बैठक में पार्टी के तीन कार्यकारी प्रधान व पार्टी के महासचिव व कैबिनेट मंत्री परगट सिंह के अलावा हरीश चौधरी भी मौजूद थे। बता दें कि कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने बतौर प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू को 15 सितंबर तक प्रदेश व जिला कार्यकारिणी का गठन करने के लिए कहा था, लेकिन पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा और बाद में सिद्धू द्वारा प्रदेश प्रधान पद से इस्तीफा देने के कारण संगठन का गठन अधर में लटका हुआ था।

सिद्धू ने भले ही अपना इस्तीफा अभी तक वापस न लिया हो, लेकिन पार्टी का उन पर दबाव है कि वह जल्द से जल्द संगठन के नामों को अंतिम रूप दें, क्योंकि पंजाब में लंबे समय से कांग्रेस का ढांचा भंग पड़ा हुआ है। जहां सारी राजनीतिक पार्टियां चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है, वहीं कांग्रेस संगठन के गठन में जुटी हुई है। अहम बात यह है कि यह बैठक भी उस दिन हुई जब पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी पार्टी बनाने के बारे में कहा।

बताया जा रहा है कि आज की बैठक में प्रदेश व जिला कार्यकारिणी के नामों को फाइनल कर दिया गया है। अब केवल पार्टी हाईकमान की इस लिस्ट पर मोहर लगनी बाकी है। इस बैठक में हरीश चौधरी भी मौजूद थे। हरीश चौधरी को कांग्रेस ने पर्यवेक्षक बनाकर पंजाब में भेजा था। मुख्यमंत्री का विवाद सुलझने के बाद भी हरीश चौधरी पार्टी के कामकाज में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं। हालांकि पंजाब को लेकर उनके पास अधिकारिक रूप से कोई भी जिम्मेदारी नहीं है। हरीश चौधरी के अलावा इस बैठक में कैबिनेट मंत्री व कार्यकारी प्रधान संगत सिंह गिलजियां, कुलजीत नागरा और पवन गोयल मौजूद थे।

Edited By: Kamlesh Bhatt