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काले धन को सफेद करने के बड़े नेटवर्क में शामिल थे निलंबित DIG भुल्लर, गठजोड़ का हुआ पर्दाफाश

Published: Thu, 30 Apr 2026 11:38 AM (IST)

निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर ईडी की जांच में काले धन को सफेद करने के बड़े नेटवर्क में शामिल पाए गए हैं।

निलंबित डीआईजी भुल्लर दूसरों के खाते में काले धन को बना रहा था सफेद (फाइल फोटो)

निलंबित डीआईजी भुल्लर दूसरों के खाते में काले धन को बना रहा था सफेद (फाइल फोटो)

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रोहित कुमार, चंडीगढ़। मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप कारोबारी से 11 अक्टूबर 2025 को पांच लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की जांच में अहम राजफाश हुए हैं।

ईडी की ओर से 27 अप्रैल को चंडीगढ़, लुधियाना व जालंधर में उनके नजदीकियों के घरों पर दी गई दबिश में पता चला है कि भुल्लर कई खातों में काले धन को जमा कर उसे सफेद बनाने में जुटा हुआ था।

ईडी ने इस रेड के दौरान करीब 1.4 करोड़ रुपये की नकदी जब्त या फ्रीज की है, साथ ही मनी लाड्रिंग से जुड़े कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि प्रापर्टी डीलरों, बिचौलियों और अन्य जुड़े सार्वजनिक अधिकारियों के बीच संभावित गठजोड़ का पूरा राजफाश किया जा सके।

सीबीआई के रडार पर पंजाब के आईपीएस व आईएएस

उधर, इस मामले की जांच कर रही सीबीआई के रडार पर पंजाब के आईपीएस व आईएएस अधिकारी भी आए हैं। भुल्लर ने अपने करीबी लोगों के काम इन अफसरों के जरिए करवाए और उसके बदले में मोटी रिश्वत वसूल की थी।

सीबीआई ने इन अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जल्द ही एफआईआर दर्ज कर उनके नाम सार्वजनिक कर दिए जाएंगे। ईडी की जांच में मनी लाड्रिंग के संगठित नेटवर्क का बड़ा पर्दाफाश हुआ है।

मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप कारोबारी आकाश बत्ता की शिकायत पर सीबीआई ने ट्रैप लगाकर 11 अक्टूबर 2025 को भुल्लर व बिचौलिए कृष्णु को पांच लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।

भुल्लर के चंडीगढ़ आवास पर 7.5 करोड़ रुपये मिले

सीबीआई की टीम ने भुल्लर के चंडीगढ़ स्थित आवास पर रेड की तो वहां से करीब 7.5 करोड़ रुपये कैश, 2.5 किलो सोना, महंगी घड़ियां, लग्जरी कारों के अलावा बेनामी संपत्ति के कागजात बरामद किए थे।

इसके बाद ईडी ने भी मनी लाड्रिंग के तहत जांच शुरू की थी। 27 अप्रैल 2026 को भी छापेमारी में भी कई अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं, जिनमें चंडीगढ़, लुधियाना, कपूरथला, मोहाली और जीरकपुर में स्थित रिहायशी और कृषि संपत्तियों का ब्योरा शामिल है।