जेएनएन, चंडीगढ़। पिछले एक साल से चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर दिव्यांगों के लिए स्मार्ट आइडी कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं। इंडियन रेलवे की ओर से दिव्यांग पैसेंजर्स के लिए ट्रेन में सफर करने के लिए स्मार्ट आइडी कार्ड बनाने शुरू किए गए थे। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर भी दिव्यांगों के लिए स्मार्ट कार्ड बनाए जाते हैं, लेकिन लगभग पिछले एक साल से दिव्यांगों को कार्ड बनाकर नहीं दिए जा रहे हैं। जबकि हर महीने 70 से 100 के करीब दिव्यांग इस स्मार्ट कार्ड के बनवाने के लिए आवेदन करते हैं।

इंडियन रेलवे दिव्यांगों को रेल टिकट लेने के लिए आइडेंटिटी कार्ड जारी करता है। इस कार्ड पर दिव्यांग का फोटो और नाम-पते समेत सभी तरह की जानकारियां होती हैं। इस कार्ड से जुड़ा डाटा रेलवे के ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज होता है। इस तरह से दिव्यांग इस आइडी कार्ड की बदौलत ऑनलाइन और काउंटर दोनों से ही दिव्यांगों को मिलने वाली रियायती दर पर रेल का रिजर्व और अनरिजर्व टिकट हासिल कर सकते हैं। टिकट बुक कराए जाने पर दिव्यांगों को उनके कैटेगरी के अनुसार छूट भी जाती है।

शत प्रतिशत दिव्यांगों के लिए पांच साल के लिए वैलिड होता है कार्ड

35 साल से ऊपर के शत प्रतिशत दिव्यांगों के लिए रेलवे की ओर से जारी किए जाने वाले स्मार्ट कार्ड की वैधता 5 साल की होती है। इस कार्ड की वैलिडिटी खत्म होने से तीन महीने पर कार्ड दोबारा रिन्यू कराना होता है।

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