चंडीगढ़, [विशाल पाठक]। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए एकमात्र हथियार मास्क है। ऐसे में दूसरी लहर में तो लोगों ने कोविड से बचने के लिए दो-दो मास्क लगाना शुरू कर दिए हैं। लेकिन अब यह मास्क भी परेशानी का कारण बनने लगे हैं। मुंह पर लगातार मास्क पहनने के कारण लोगों काे मास्‍कने दिक्कत आ रही है। मास्क पहनने से मुंह पर होने वाले मुंहासों को मास्कने कहा जाता है।

यह कहना है नेशनल स्किन हॉस्पिटल के चीफ कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. विकास शर्मा का। डॉ. विकास ने बताया कि गर्मी और उमस बढ़ने के कारण मुंह पर लगातार मास्क पहनने से त्वचा रोग की समस्या बढ़ रही है। मुंह पर जितने हिस्से पर मास्क पहना जाता है, त्वचा के उस हिस्से पर मुंहासे होने लगे हैं। इसके कारण पूरे चेहरे पर मुंहासें, काले धब्बे और खुजली होने जैसी समस्या बढ़ रही है।

ऐसे बचे मास्कने की समस्या से

डॉ. विकास ने बताया गर्मियों में अपने मास्क को हर दो से तीन घंटे के भीतर बदलते रहें। जो लोग कपड़े का मास्क पहनते हैं, केवल कॉटन के कपड़े से बने मास्क का प्रयोग करें। कॉटन के अलावा अन्य कपड़े से बने मास्क मुंह पर पहनने से गर्मी और पासीने से त्वचा रोग पैदा करते हैं। नियमित तौर पर मास्क उतारकर अपने मुंह को साबून और ठांडे पानी से साफ करें। इसके अलावा मुंह पर नमी बने रहे इसके लिए कोई क्रीम या लोशन का प्रयोग करें।

चेहरे के नीचले हिस्से में हो रही सबसे ज्यादा दिक्कत

चेहरे के नीचले हिस्से में त्वचा की सबसे ज्यादा दिक्कते सामने आ रही है। डॉ. विकास ने बताया कि चेहरे को तीन हिस्से में बांटा गया है। इसमें टी जोन, यू जोन और ओ जोन शामिल है। टी जोन चेहरे में माथे से लेकर नाक तक, यू जोन गालों के इर्द गिर्द और ओ जाेन उस हिस्से को कह जाता है चेहरे पर जितनी दूरी पर मास्क पहना जाता है।

जीएमएसएच-16 में रोजाना त्वचा से जुड़ी समस्या के आ रहे 200 से अधिक मामले

जीएमएसएच-16 में रोजाना त्वचा से जुड़ी समस्या को लेकर 200 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। गर्मी और उमस के बढ़ने से भी त्वचा के मामले बढ़े हैं। पुरानी एलर्जी के अलावा नए मामले लगातार मुंह पर मास्क  पहनने की वजह से हुए त्वचा रोग से जुड़े हैं।

Edited By: Ankesh Thakur