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चंडीगढ़ की पूर्व SDM शिल्पी पात्तर को राहत नहीं, 9 साल पुराने रिश्वत मामले में पुनर्विचार याचिका हाईकोर्ट से खारिज

By Ravi Atwal Edited By: Sohan Lal
Published: Sat, 26 Sep 2026 08:37 PM (IST)

पूर्व एसडीएम शिल्पी पात्तर को नौ साल पुराने रिश्वत मामले में हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने उनकी ...और पढ़ें

पूर्व एसडीएम शिल्पी पात्तर।

पूर्व एसडीएम शिल्पी पात्तर।

HighLights

  1. सीबीआई कोर्ट में लंबित मामले के जल्द निपटारे के निर्देश।

  2. शिल्पी के पति धीरज दत्त और बिचौलिया बराड़ भी आरोपित।

  3. 2017 में सीबीआई ने शिल्पी को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। भ्रष्टाचार के नौ साल पुराने मामले में आरोपित पूर्व एसडीएम शिल्पी पात्तर की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। शिल्पी ने हाईकोर्ट के एक फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की थी। वह याचिका भी हाईकोर्ट ने खारिज कर दी।

हाईकोर्ट ने अब सीबीआई कोर्ट में लंबित मामले के जल्द निपटारे के भी निर्देश दिए हैं। इस केस में शिल्पी के अलावा उनके पति धीरज दत्त और एक बिचौलिया जीएस बराड़ भी आरोपित हैं।

वर्ष 2017 में सीबीआई ने शिल्पी को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद शिल्पी ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उसने हरियाणा सरकार की ओर से सीबीआई को उसके खिलाफ केस चलाने के लिए दी गई अभियोजन मंजूरी को हाईकोर्ट में चुनौती दी।

नौ साल तक यह याचिका हाईकोर्ट में लंबित रही, लेकिन इसी साल याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। जिसके बाद सीबीआई कोर्ट में फिर से शिल्पी व अन्य आरोपितों के खिलाफ ट्रायल शुरू हो गया।

घर से मिले थे दो लाख रुपये

मामला अगस्त 2017 का है। एचसीएस अधिकारी शिल्पी पात्तर उस समय चंडीगढ़ में एसडीएम (ईस्ट) के पद पर तैनात थीं। सीबीआई ने पांच अगस्त 2017 की रात उनके घर पर छापा मारा था।

सीबीआई को पंचकूला निवासी तरसेम कुमार ने शिकायत दी थी जिसमें उसने बताया था कि उसका अपने भाई संजय के साथ सेक्टर-26 की एक प्राॅपर्टी को लेकर विवाद था।

यह मामला तत्कालीन एसडीएम शिल्पी पात्तर की अदालत में लंबित था। एसडीएम ने तीन अगस्त 2017 को उसे सुने बिना संपत्ति को सील कर दिया था। इस कार्रवाई के अगले दिन तरसेम की मुलाकात बिचौलिये जीएस बराड़ से हुई।

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पांच लाख रुपये मांगे थे

बराड़ ने शिकायतकर्ता को शिल्पी से मिलवाया और फिर उसका काम करवाने के नाम पर पांच लाख रुपये मांगे। हालांकि बाद में दो लाख में बात तय हो गई। ईधर तरसेम ने सीबीआई को इस बारे में शिकायत दे दी। सीबीआई ने फिर ट्रैप लगाकर शिल्पी, उसके पति और बिचौलिये जीएस बराड़ को गिरफ्तार कर लिया था।