पंजाब PCS रिजल्ट पर BJP का बड़ा हमला, डॉ. सुभाष शर्मा बोले- युवाओं के भविष्य से खिलवाड़
भाजपा पंजाब के उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा ने PPSC PCS मुख्य परीक्षा-2026 के परिणामों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक ...और पढ़ें
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PPSC PCS परीक्षा परिणामों पर उठे गंभीर सवाल भाजपा ने AAP सरकार को घेरा।
HighLights
PPSC PCS मुख्य परीक्षा-2026 परिणामों पर भाजपा ने उठाए सवाल।
एक ही केंद्र से 24% से अधिक उम्मीदवारों का चयन संदिग्ध।
स्वतंत्र एजेंसी से जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC) की PCS मुख्य परीक्षा-2026 के परिणामों को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए भाजपा पंजाब के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा ने आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि PPSC जैसी प्रतिष्ठित संस्था की परीक्षा प्रक्रिया पर जिस तरह सवाल उठ रहे हैं, उससे पंजाब के लाखों मेहनती युवाओं का सरकारी भर्ती प्रक्रिया से विश्वास उठ रहा है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि 4 नवंबर की रात घोषित परिणामों ने सरकार के पारदर्शिता और ईमानदारी के दावों की पोल खोलकर रख दी है। सरकार अब तक बिना पैसे और बिना सिफारिश के नौकरियां देने का दावा करती रही है, लेकिन PCS जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा के परिणामों में सामने आ रहे तथ्यों ने इस दावे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डॉ. शर्मा ने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, चयनित अभ्यर्थियों में से 24.21 प्रतिशत उम्मीदवार एक ही परीक्षा केंद्र से संबंधित बताए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त 86 उम्मीदवारों के रोल नंबर लगातार क्रम में 3 या 4 के समूह में होने की बात भी सामने आई है। PCS जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षा में इस प्रकार के आंकड़े गंभीर संदेह पैदा करते हैं और इनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि भर्ती नियमों के अनुसार विज्ञापित पदों की तुलना में तीन गुना उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाने का प्रावधान है, लेकिन इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया।
डॉ. शर्मा ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा, बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी में पैरामेडिकल स्टाफ भर्ती और अन्य परीक्षाओं को लेकर भी विवाद सामने आ चुके हैं। कई भर्तियों में देरी और परीक्षाओं के वर्षों तक लंबित रहने से पंजाब का युवा पहले ही परेशान है। PPSC सीनियर असिस्टेंट परीक्षा को 2027 तक टालने की स्थिति भी सरकार की भर्ती व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
डॉ. शर्मा ने मांग की कि PCS मुख्य परीक्षा-2026 के परिणामों की किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से जांच करवाई जाए, परीक्षा केंद्रों के रिकॉर्ड, उपस्थिति रजिस्टर, उत्तर पुस्तिकाओं और रोल नंबर आवंटन की जांच सार्वजनिक की जाए तथा यदि किसी प्रकार की धांधली प्रमाणित होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को किसी की सिफारिश या राजनीतिक पहुंच नहीं, बल्कि उनकी मेहनत और योग्यता के आधार पर नौकरी मिलनी चाहिए। भाजपा युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी और इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाएगी।
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