चंडीगढ़, जेएनएन। पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के स्टफ्ड तीतर पर वाइल्ड लाइफ विभाग अभी तक कोई फैसला नहीं ले पाया है। गौरतलब है कि सिद्धू जब श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर के शिलान्यास के लिए पाकिस्तान गए थे तो वहां से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए तोहफे के रूप में स्टफ्ड तीतर लाए थे। सिद्धू खुद इसे लेकर कैप्टन के पास गए थे, लेकिन कैप्टन ने इसे लेने से इन्कार कर दिया था।

सीएम ऑफिस ने इस तीतर को वाइल्ड लाइफ विभाग के पास भेज दिया था और पूछा था कि क्या वे इसे रख सकते हैं। इसे भारत सरकार के वन्य जीव इंस्टीट्यूट में रखा गया है। इस बीच वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो पंजाब (डब्ल्यूसीसीबी) के वॉलंटियर संदीप जैन ने इसे वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट-1972 का उल्लंघन बताते हुए वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो नई दिल्ली में सिद्धू के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। हालांकि विभाग का कहना है कि इसमें सिद्धू के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता। क्योंकि सीमा पार से कोई भी सामान कस्टम अधिकारियों की जांच के बाद ही भारत में आता है।

शिकायत मिलने पर करेंगे कार्रवाई

चंडीगढ़ वाइल्डलाइफ विभाग के वार्डन देबेंद्रा दलाई का कहना है कि हमें मीडिया से पता चला है कि स्टफ्ड तीतर नवजोत सिंह ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को भेंट किया है। अगर तीतर को चंडीगढ़ में लाया गया, तो इसके लिए संबंधित व्यक्ति को विभाग से सर्टिफिकेट लेना जरूरी है। साथ ही जहां से तीतर लिया है, उसका सोर्स और वहां से जारी सर्टिफिकेट भी दिखाना होता है।

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उन्‍होंने बताया कि वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट-1972 के तहत किसी भी जंगली जानवर के शिकार या उसकी खाल को बिना अनुमति रखना कानूनी तौर पर अपराध है। हमें इससे संबंधी कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि शिकायत मिलेगी तो हम इसे रिकॉर्ड में लेंगे और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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