जेएनएन, चंडीगढ़। अनुसूचित जातियों (एससी) से संबंधित सरकारी मुलाजिमों को पंजाब सरकार ने बड़ी राहत दी है। राज्य में प्रमोशन से पदों को भरने में एससी कर्मचारियों के लिए ग्रुप ए और बी की सेवाओं में 14 प्रतिशत और ग्रुप सी और डी की सेवाओं में 20 प्रतिशत के आरक्षण का कोटा बहाल करने की मंज़ूरी दे दी गई है। यह नागराज केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर सरकार द्वारा नए सिरे से इकठ्ठा किए आंकड़ों पर आधारित है।

पंजाब मंत्रिमंडल ने सामाजिक सुरक्षा, सशक्तिकरण और अल्पसंख्यक विभाग द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी और इस संबंध में आर्डीनैंस के अंतिम मसौदे को मंज़ूरी देने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है। यह आरक्षण अनुसूचित जातियों के मुलाजिमों के लिए प्रोफोरमा ओहदा -उन्नति और बदली के द्वारा नियुक्ति के लिए भी लागू होगा।

बता दें कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने 20 फरवरी, 2018 को सिविल रिट पटीशन नं. 16039 ऑफ 2014 अमन कुमार बनाम पंजाब राज्य और अन्य संबंधित फैसला सुनाते हुए 'पंजाब राज्य अनुसूचित जातियों और पिछड़ी श्रेणियों (सेवाओं में आरक्षण) एक्ट -2006' की धाराओं 4(3), 4(4), और 4(8) को रद कर दिया था। पहला एक्ट गलत आंकड़ों पर आधारित था। जिसको अब सभी विभागों, सरकारी अदारों आदि से एकत्रित करके दुरुस्त कर दिया गया है। इन आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद यह आरक्षण प्रस्तावित किया गया है।

एक अन्य फैसले में मंत्रिमंडल ने पंजाब लोक सेवा आयोग में विभिन्न काडरों के आठ पद पुन: सृजित करने की भी मंजूरी दे दी है, जिससे आयोग के कामकाज को प्रभावी बनाने के साथ-साथ भविष्य में होने वाली परीक्षाएं निर्धारित समय में करवाने को यकीनी बनाया जा सके। इन पदों में छह क्लर्क, एक नेटवर्क इंजीनियर और एक कानूनी सहायक शामिल हैं।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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