दिल्ली एयरपोर्ट पर दो घंटे रोके जाने पर भड़के मुख्यमंत्री मान, बोले- 'कस्टम अधिकारी मनीष ज्ञानेश कुमार के भाई'
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एयरपोर्ट पर दो घंटे रोके जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कस्टम अधिकारी का जिक्र करते ...और पढ़ें

पंजाब विधानसभा में पहुंचे सीएम भगवंत मान।
HighLights
मुख्यमंत्री मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर दो घंटे रोका गया।
कस्टम अधिकारी मनीष पर ज्ञानेश कुमार का भाई होने का आरोप।
गुजरात बंदरगाहों से नशीले पदार्थों की बरामदगी पर सवाल उठाए।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में नशे के मुद्दे पर जारी सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एयरपोर्ट पर खुद को करीब दो घंटे तक रोके रखने का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सामान की जांच के नाम पर उन्हें बैठाकर रखा गया। मुख्यमंत्री ने कस्टम अधिकारी मनीष का जिक्र करते हुए उन्हें ज्ञानेश कुमार का भाई बताया। मान ने इस घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि सामान की जांच के नाम पर उन्हें इतनी देर तक क्यों रोका गया।
मुख्यमंत्री ने गुजरात के बंदरगाहों से नशीले पदार्थों की बरामदगी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिये नशा पंजाब पहुंचता है तो सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए जाते हैं, लेकिन गुजरात के बंदरगाहों पर कस्टम और सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ कैसे पहुंच रहे हैं? उन्होंने कहा कि इस सवाल का जवाब दिया जाना चाहिए।
मान ने कहा कि बंदरगाहों पर कस्टम और सुरक्षा की उचित व्यवस्था होती है। इसके बावजूद अगर वहां तीन-तीन हजार किलो नशीले पदार्थ पहुंच रहे हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने गुजरात से पंजाब में नशे की आपूर्ति होने को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि नशा आखिर आ कहां से रहा है।
मुख्यमंत्री ने पंजाब में 50 हजार करोड़ रुपये का नशा पकड़े जाने की बात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या पर सवाल उठाने वालों को यह भी बताना चाहिए कि नशीले पदार्थों की इतनी बड़ी खेप कहां से आ रही है और उन्हें रोकने के लिए क्या किया जा रहा है।
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अकाली-भाजपा सरकार को भी घेरा
नशा तस्करी के मुद्दे पर मान ने अकाली दल और भाजपा की पिछली सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 से 2017 के दौरान बड़े तस्करों ने कई बड़े मंत्रियों के नाम लिए थे। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि उस समय नशा तस्करी के आरोपों और शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई थी।
अमित शाह के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया
अमित शाह के बयान और विपक्ष की राजनीतिक रणनीति पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक दलों को अपनी पार्टी की नीति के अनुसार प्रदर्शन करने और विरोध जताने का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में चर्चा चल रही है तो सभी को उसमें हिस्सा लेना चाहिए। सवाल-जवाब होना लोकतंत्र की प्रक्रिया है।
मान ने कहा कि यह किसी एक नेता की नहीं, बल्कि पंजाब के सवा तीन करोड़ लोगों की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित मामले की पूरी जानकारी उनके पास नहीं है।
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विपक्ष के पास नहीं कोई और मुद्दा
भगवंत मान ने परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में विपक्ष के विधानसभा में प्रदर्शन पर कहा कि विपक्ष के पास कोई दूसरा मुद्दा नहीं है। वह सिर्फ हंगामा करना चाहता है। पहले विपक्ष कहता है कि विधानसभा का सत्र नहीं बुलाया जाता और जब सत्र बुलाया जाता है तो उसका बहिष्कार कर देता है। मान ने कहा कि सदन में चर्चा चल रही है और विपक्ष को उसमें हिस्सा लेना चाहिए। सवाल-जवाब होने चाहिए, लोकतंत्र में यही प्रक्रिया है।
