पंजाब यूनिवर्सिटी का 942.21 करोड़ का बजट मंजूर, सुविधाओं-रिसर्च और हॉस्टल के रखरखाव पर होंगे खर्च
पंजाब यूनिवर्सिटी ने वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए 942.21 करोड़ रुपये का राजस्व बजट मंजूर किया। यह बजट शिक्षकों के ...और पढ़ें
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पीयू का 942.21 करोड़ रुपये का बजट मंजूर, मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर की संख्या दो से बढ़कर चार होगी।
HighLights
पीयू ने वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए 942.21 करोड़ का बजट मंजूर किया
शिक्षक वेतन, छात्र सुविधाओं और रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान
मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर और दिव्यांग छात्रों के मानदेय में वृद्धि
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) ने वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए 942.21 करोड़ रुपये का राजस्व बजट मंजूर किया है। यूनिवर्सिटी के बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक में बजट को मंजूरी दी गई। इसमें शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन, छात्र सुविधाओं, परीक्षाओं, रिसर्च, हॉस्टल और कैंपस के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए प्रावधान किए गए हैं।
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पार्ट टाइम काउंसलर की संख्या दो से बढ़ाकर चार करने का फैसला लिया गया है। वहीं, काउंसलर का मासिक मानदेय भी 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति व्यक्ति किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता पीयू की कुलपति प्रो. मीनाक्षी गोयल ने की। बैठक में यूजीसी के वित्तीय सलाहकार सुदीप सिंह जैन, यूटी वित्त सचिव के प्रतिनिधि एससीएलए सुरेश कुमार, पंजाब सरकार के प्रतिनिधि, पीयू के रजिस्ट्रार प्रो. वाईपी वर्मा, वित्त एवं विकास अधिकारी डॉ. विक्रम नैयर, पीयू शिक्षक संघ (पुटा) के अध्यक्ष प्रो. अमरजीत सिंह नूरा और गैर शिक्षक कर्मचारी संघ (पुसा) के अध्यक्ष हनी ठाकुर भी शामिल हुए।
यूजीसी से मिलेंगे 436.91 करोड़ रुपये
पीयू को वर्ष 2027-28 में कुल 942.21 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है। इसमें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से 436.91 करोड़ रुपये, पंजाब सरकार से 107.78 करोड़ रुपये और यूनिवर्सिटी की अपनी आय से 397.52 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान लगाया गया है।
कुल बजट में यूजीसी का योगदान 46.37 प्रतिशत, पंजाब सरकार का 11.44 प्रतिशत और यूनिवर्सिटी की स्वयं की आय का हिस्सा 42.19 प्रतिशत रहेगा। वर्ष 2026-27 के संशोधित बजट अनुमान 902.68 करोड़ रुपये के मुकाबले आगामी वित्तीय वर्ष का बजट 39.53 करोड़ रुपये अधिक है।
रिसर्च और डाटा सेंटर के आधुनिकीकरण पर खर्च
बजट में शिक्षण विभागों में अकादमिक और रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 11.69 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डाटा सेंटर के आधुनिकीकरण, आइटी इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने, नए फायरवॉल और सर्वर खरीदने के लिए 5.97 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। लॉ ऑडिटोरियम में ऊर्जा की बचत करने वाला सेंट्रल एयर कंडीशनिंग प्लांट लगाने का भी प्रावधान है।
इसके अलावा किताबों, जर्नल, प्रकाशनों, रिसर्च सामग्री, छात्रवृत्ति और फेलोशिप के लिए 25.23 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
हॉस्टल के वॉशरूम और छतों की होगी मरम्मत
छात्रों और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हॉस्टल और अन्य इमारतों की मरम्मत पर भी बजट खर्च किया जाएगा। ब्वॉयज हॉस्टल नंबर तीन और सात के वॉशरूम की मरम्मत के लिए 2.02 करोड़ रुपये, गैर आवासीय इमारतों की छतों की मरम्मत के लिए 3.58 करोड़ रुपये और आवासीय मकानों के शौचालयों के नवीनीकरण के लिए दो करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
शिक्षण और गैर शिक्षण विभागों में कार्यालय उपकरणों के लिए 2.38 करोड़ रुपये, फर्नीचर के लिए एक करोड़ रुपये तथा शिक्षण विभागों और क्षेत्रीय केंद्रों में फैकल्टी रूम के एयर कंडीशनिंग सिस्टम और बिजली की फिटिंग के लिए तीन करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
शूटिंग रेंज और फिजियोथेरेपी सेंटर को भी बजट
कैप्टन विक्रम बत्रा शूटिंग रेंज में इलेक्ट्रॉनिक टारगेट लगाने के लिए 40 लाख रुपये और फिजियोथेरेपी सेंटर के उपकरणों के लिए 45 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
दिव्यांग विद्यार्थियों के स्क्राइब का मानदेय बढ़ेगा
दिव्यांग विद्यार्थियों की परीक्षा में सहायता के लिए नियुक्त स्क्राइब के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। मई 2025, दिसंबर 2025 और मई 2026 की सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए प्रति परीक्षा 400 रुपये मानदेय मंजूर किया गया है।
वर्ष 2026 से होने वाली आगामी सेमेस्टर परीक्षाओं में यह राशि बढ़ाकर 500 रुपये प्रति परीक्षा कर दी गई है। एक सेमेस्टर परीक्षा में प्रति स्क्राइब अधिकतम 5,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा। वहीं, मिड-टर्म परीक्षाओं के लिए 150 रुपये प्रति परीक्षा मानदेय तय किया गया है। इसमें प्रति स्क्राइब एक मिड-सेमेस्टर परीक्षा के लिए अधिकतम 1,000 रुपये दिए जाएंगे।
