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Punjab Politics: विपक्ष सरारी के त्यागपत्र से असंतुष्ट, केस दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग

कैबिनेट मंत्री फौजा सिंह सरारी के त्यागपत्र के लिए विपक्ष लगातार दबाव बना रहा था। शनिवार को जब उन्होंने त्यागपत्र दिया तो विपक्षी पार्टियों ने उन पर केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की। विपक्ष सरकार की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है।

By Jagran NewsEdited By: Nidhi VinodiyaPublished: Sun, 08 Jan 2023 12:17 PM (IST)Updated: Sun, 08 Jan 2023 12:17 PM (IST)
विपक्ष सरारी के त्यागपत्र से असंतुष्ट, केस दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग

चंडीगढ़, राज्य ब्यूरो : कैबिनेट मंत्री फौजा सिंह सरारी के त्यागपत्र के लिए विपक्ष लगातार दबाव बना रहा था। शनिवार को जब उन्होंने त्यागपत्र दिया तो विपक्षी पार्टियों ने उन पर केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की। विपक्ष सरकार की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। कांग्रेस विधायक व नेता विपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि सीएम भगवंत मान को स्पष्टीकरण देना चाहिए कि उन्होंने तीन महीने तक सरारी को क्यों बचाया। मान को इस पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

शियद ने कहा मान ने जबरन त्यागपत्र लिया है

शिरोमणि अकाली दल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की निंदा करते हुए कहा कि उन्होने फौजा सिंह सरारी का जबरन वसूली वाला आडियो टेप जारी होने के चार माह बाद त्यागपत्र लिया है। उन्होंने इसे बहुत देर से लिया गया निर्णय करार दिया। भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेशाध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने फौज सिंह सरारी के त्यागपत्र को भाजपा की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा शुरू से ही कहती आई है कि सरारी की इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुई आडियो टेप की जांच होनी चाहिए, लेकिन मान सरकार ने अपने मंत्री को बचाने के लिए तीन माह का समय निकाल दिया। कांग्रेस सांसद रवनीत बिट्टू ने फेसबुक में लाइव पोस्ट डाल कर कहा कि आप खुद को कट्टर ईमानदार पार्टी बताती है, लेकिन सबकुछ खुल कर सामने आ गया।

पंजाब में मेडिकल नशा सबसे बड़ी चुनौती

पंजाब के नए स्वास्थ्य मंत्री डा. बलबीर सिंह ने मंत्री पद की शपथ लेने के बाद कहा कि चुनौतियों में ही संभावनाएं होती हैं। कभी सोचा नहीं था कि मैं मंत्री बनूंगा। बलबीर सिंह ने अपने जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि जब मैं अपने गांव में डाक्टर बनने की बात करता था, तो लोग मेरा मजाक उड़ाते थे, लेकिन मैंने जो चाहा वह करके दिखाया। अब यहां भी काम करके दिखाऊंगा। पंजाब में मेडिकल नशा सबसे बड़ी चुनौती है। मेरी यह कोशिश रहेगी कि जो युवा टीके लगाकर नशा करते हैं, उन्हें इससे दूर किया जाए। उन्हें दवा देकर नशामुक्त बनाया जाए। मेंटल हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा। इसे लेकर पूरा खाका बनाया जाएगा।

इसके परिणाम लोगों को देखने को मिलेंगे। डा. बलबीर सिंह ने कहा कि आम आदमी क्लीनिक से लोगों को बहुत लाभ मिल रहा है। इसे और बेहतर बनाया जाएगा। इमरजेंसी सुविधाओं में भी सुधार किया जाएगा। यह कोशिश की जाएगी कि राज्य के हर जिले में लोगों को एंबुलेंस पंद्रह से बीस मिनट में मिले। एक सवाल के जवाब में डा बलबीर सिंह ने कहा कि निजी अस्पताल अपनी मनमानी न करें इसको लेकर भी सभी अस्पताल प्रबंधकों से बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में जहां तक भुक्की व अफीम की खेती शुरू करने की बात है, इससे होने वाले नुकसान भी देखने होंगे।

जल्दबाजी का फैसला नुकसानदायक होगा 

जिन देशों में ऐसा किया जा रहा है, वहां पर क्राइम बढ़ा है। इस लिए इस पर जल्दबाजी में फैसला नहीं लिया जा सकता। डा बलबीर सिंह ने किसान आंदोलन के दौरान अपने किए गए काम का जिक्र करते हुए कहा कि अगर वहां पर किसानों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवा सकते हैं, तो राज्य के लोगों को क्यों नहीं। जरूरत है तो लगन और मेहनत की। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में लोगों को स्वास्थ्य क्षेत्र में कई बदलाव देखने को मिलेंगे।

चुनौतियों में ही संभावनाएं हैं - बलबीर सिंह 

पटियाला में नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. बलबीर सिंह पटियाला के दूसरे ऐसे विधायक हैं, जिन्हें स्वास्थ्य मंत्री का पद मिला है। इससे पहले समाना हलके से आप विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा स्वास्थ्य मंत्री थे। उनका विभाग बदला गया है। राजनीति में शामिल होने से पहले डा. बलबीर एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में सेवानिवृत्त हुए और वर्तमान में पटियाला में एक नेत्र चिकित्सक के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने 1979 में एमबीबीएस की पढ़ाई की। 1974 में जेपी आंदोलन और 2011 में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में भी भाग लिया। 2014 के विधानसभा चुनाव से पहले वह आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे।

साल 2017 में उन्होंने पटियाला शहरी हलके से चुनाव लड़ा लेकिन, असफल रहे। साल 2022 में उन्होंने पटियाला ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की थी। वे आम आदमी पार्टी पंजाब के सह संयोजक और कार्यवाहक संयोजक भी रह चुके हैं। विधायक बनने के बाद डा. बलबीर ने डाक्टरी का पेशा नहीं छोड़ा और जरूरतमंदों के लिए मुफ्त नेत्र जांच व आपरेशन की सेवा जारी रखी। 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें पटियाला शहरी विधानसभा क्षेत्र से कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ अपना उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन तब वह हार गए थे और 20 हजार से अधिक वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे थे। 2022 के विधानसभा चुनाव में आप ने पटियाला ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और पूर्व मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा के बेटे मोहित मोहिंदरा को हराकर शानदार जीत हासिल की।

कांग्रेस के दबाव पर झुकी सत्तारूढ़ पार्टी:

बाजवा विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि विपक्ष की कांग्रेस पार्टी के लगातार दबाव के कारण सत्तारूढ़ पार्टी को झुकने के लिए मजबूर किया और सरारी को पद छोड़ना पड़ा। बाजवा ने फौजा सिंह सरारी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा, मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच करवाई जानी चाहिए।

सरारी के मामले की निष्पक्ष जांच हो:

मजीठिया शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने मंत्री के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने व उनकी गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पंजाबियों को यह बताने को कहा कि उन्होंने महीनों तक सरारी के भ्रष्ट कामों को बढ़ावा क्यों दिया। उन्होने कहा, ‘ऐसा लगता है कि अब दोनों में मतभेद हो गए हैं।

सरारी का त्यागपत्र भाजपा की जीत:

अश्वनी शर्मा भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा कि राजनीतिक दबाव बढ़ गया तो सरारी से त्यागपत्र लिया गया। सरारी का त्यागपत्र भाजपा की जीत है। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय के दौरान सिंह सरारी ने और क्या कुछ किया है, इसकी जांच कौन करेगा? क्या सरारी पर एफआइआर दर्ज की जाएगी

सांसद रवनीत बिट्टू का ट्वीट, ‘नौवीं गेंद पर दूसरा विकेट गिरा’ :

सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने प्रदेश की आप सरकार पर एक बार फिर निशाना साधा है। बिट्टू ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘नौवीं गेंद पर दूसरा विकेट गिरा। नौ माह में ही दो मंत्री आउट हो गए। इसी तरह मंत्रियों के विकेट गिरते रहे तो पूरी सरकार पांच साल के कार्यकाल के पहले आउट हो जाएगी।’ सांसद ने आप सरकार पर कटाक्ष करते हुए लिखा, ‘इनकी पारी (कार्यकाल) टी-20 मैच से भी छोटी होगी। सबसे ज्यादा भ्रष्ट पार्टी है आप।’ उन्होंने फेसबुक लाइव कर कहा, मुझे तो लगता है कि मंत्री बारा बट्टी का खेल कर रहे हैं। विधायक बहुत हुए हैं। बारी-बारी दो माह के लिए मंत्री बना रहे हैं। विधायकों को कहा जा रहा है कि मंत्री बनकर दो माह में जितना लूट सकते हो, लूट लो। उसके बाद बाहर हो जाओ। हालांकि, फेसबुक पर लोगों ने कमेंट करते हुए लिखा, ‘कम से कम यह पार्टी भ्रष्टाचार करने वालों पर कार्रवाई कर रही है, इससे पहले किस पार्टी ने कार्रवाई की।’


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