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तरनतारन बॉर्डर से नशे की खेप के साथ कॉन्स्टेबल गिरफ्तार, सवालों के घेरे में पंजाब पुलिस; पहले भी आ चुके ऐसे कई मामले

By Rohit KumarEdited By: Prince Sharma
Published: Thu, 15 Oct 2026 11:41 AM (GMT+05:30)

पंजाब में पुलिसकर्मियों की नशा तस्करी में संलिप्तता के कई मामले सामने आए हैं, जिससे पुलिस महकमे की निगरानी और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

नशे की खेप के साथ कॉन्स्टेबल गिरफ्तार (फाइल फोटो)

नशे की खेप के साथ कॉन्स्टेबल गिरफ्तार (फाइल फोटो)

HighLights

  1. पुलिसकर्मी करनदीप सिंह नशा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार

  2. पूर्व एआईजी राजजीत सिंह भी नशा तस्करों को संरक्षण देने पर बर्खास्त

  3. पंजाब में पुलिस की जवाबदेही और निगरानी पर गंभीर सवाल

रोहित कुमार, चंडीगढ़। मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बीच, सीमा पर नशे की खेप रोकने की जिम्मेदारी निभा रहे पुलिसकर्मी करनदीप की गिरफ्तारी ने पुलिस महकमे की निगरानी और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिसकर्मियों के कथित तौर पर नशा तस्करी से जुड़े होने का यह पहला मामला नहीं है।

अप्रैल 2023 में तत्कालीन एआईजी राजजीत सिंह को नशा तस्करों को कथित संरक्षण देने और अन्य गंभीर आरोपों में सेवा से बर्खास्त किया गया था।

पूर्व इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह समेत कई पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। नशे पर रोक लगाने के लिए सरकार ने लंबे समय से एक ही जगह तैनात करीब 10 हजार पुलिसकर्मियों का तबादला भी किया था। इसके बावजूद नशे का कारोबार जारी है।

तरनतारन से सामने आया मामला

ताजा मामले में बीएसएफ ने तरनतारन जिले के सराय अमानत खान इलाके में कॉन्स्टेबल करनदीप को पकड़ा। मामले की जांच नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) कर रहा है।

एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं कि हेरोइन कहां से आई, कहां पहुंचाई जानी थी और नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है। शुरुआती तथ्यों के आधार पर संभावित संपर्कों की भी पड़ताल हो रही है।

अक्टूबर 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह को धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था। ईडी का आरोप था कि वह तस्करों को संरक्षण देने, रिश्वत लेने और उनके परिवारों से वसूली करने में शामिल था। एजेंसी ने इस मामले में संपत्ति भी अटैच की।

महिला कॉन्स्टेबल भी हो चुकी गिरफ्तार

अप्रैल 2025 में बठिंडा में महिला कॉन्स्टेबल अमनदीप कौर को 17.71 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया। बाद में उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। उसकी संपत्ति और संभावित नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की भी जांच हुई।

अलग-अलग मामलों में पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी पूरे महकमे की संलिप्तता साबित नहीं करती, लेकिन ये मामले नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने और निगरानी मजबूत करने की जरूरत दर्शाते हैं। करनदीप सिंह के मामले में खेप के स्रोत, सीमा पार के संचालकों, स्थानीय संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की जांच अहम होगी। आरोपी और अन्य लोगों की भूमिका जांच के नतीजों से ही स्थापित होगी।

नशे का मुद्दा पंजाब में कानून-व्यवस्था के साथ राजनीतिक बहस का विषय भी है। पीपीसीसी अध्यक्ष परगट सिंह ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि सीमा पार से होने वाली नशा तस्करी रोकने की जिम्मेदारी निभाने वाला पुलिसकर्मी ही तस्करी में पकड़ा गया है, जिससे पंजाब में नशे के कारोबार को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं।

उन्होंने नेटवर्क को कथित राजनीतिक और पुलिस संरक्षण मिलने पर भी सवाल किए। शिरोमणि अकाली दल और भाजपा नेताओं ने भी इस मामले को लेकर सवाल उठाए हैं।