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SIR खत्म होते ही शिक्षक लौटेंगे क्लासरूम, शिक्षा विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश

Published: Sat, 26 Sep 2026 09:21 AM (IST)

पंजाब सरकार ने शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त कर कक्षाओं में वापस बुलाने के सख्त निर्देश दिए हैं। अब ...और पढ़ें

पंजाब के सरकारी शिक्षकों को मिली बड़ी राहत।

पंजाब के सरकारी शिक्षकों को मिली बड़ी राहत।


HighLights

  1. शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से तत्काल मुक्त करने के निर्देश

  2. केवल चुनाव, जनगणना, आपदा प्रबंधन में ही ड्यूटी संभव

  3. एसआइआर खत्म होते ही शिक्षक स्कूलों में लौटेंगे

रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को अब सर्वे, सत्यापन और दूसरे प्रशासनिक कार्यों के लिए स्कूलों से बाहर नहीं भेजा जा सकेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी उपायुक्तों (डीसी) को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि शिक्षकों की ड्यूटी गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने की व्यवस्था तत्काल बंद की जाए।

केवल चुनाव, जनगणना और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों में ही शिक्षकों की तैनाती की जा सकती है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन अनुमत कार्यों में भी शिक्षकों की संख्या न्यूनतम रखी जाए और जहां संभव हो, स्कूल समय के बाद या गैर-शैक्षणिक दिनों में ड्यूटी ली जाए।

एसआइआर खत्म होते ही लौटें स्कूलों में

विभाग ने 18 सितंबर को जारी पत्र में कहा है कि बड़ी संख्या में शिक्षक मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) में पहले से जिम्मेदारी निभा रहे हैं। शिक्षकों ने इस महत्वपूर्ण वैधानिक प्रक्रिया में जिला प्रशासन का पूरा सहयोग किया है।

एसआइआर का मौजूदा चरण 30 सितंबर को पूरा होना है। ऐसे में इसके बाद आवश्यकता समाप्त होने पर शिक्षकों को स्कूलों में उनकी मूल शैक्षणिक जिम्मेदारियों के लिए वापस किया जाए।

विभाग ने कहा कि शिक्षकों को लगातार अलग-अलग सरकारी कामों में लगाने से कक्षाओं में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। एक ही शिक्षक को बार-बार स्कूल से बाहर भेजने से विद्यार्थियों का शिक्षण समय कम होता है और इसकी भरपाई बाद में आसानी से नहीं हो पाती।

इसका सीधा असर शैक्षणिक निरंतरता और विद्यार्थियों के सीखने के परिणाम पर पड़ता है।

2021 के आदेशों का भी दिया हवाला

स्कूल शिक्षा विभाग ने 16 सितंबर 2021 को जारी अपने निर्देशों का भी हवाला दिया है। इसमें शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 27 और संबंधित न्यायिक निर्देशों के आधार पर कहा गया था कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में तैनात नहीं किया जाना चाहिए।

चुनाव, दशकीय जनगणना और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों को ही इसका अपवाद माना गया है।

पहले गैर-शैक्षणिक स्टाफ का इस्तेमाल

नए निर्देशों में डीसी को कहा गया है कि अनुमत ड्यूटी में भी पहले उपलब्ध गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों का इस्तेमाल किया जाए। एसआइआर जैसी चुनाव संबंधी जिम्मेदारी निभा रहे शिक्षकों को इसके साथ जिला स्तर के दूसरे गैर-सांविधिक कार्य न सौंपे जाएं।

बिना मंजूरी नहीं लगेगी दूसरी ड्यूटी

विभाग ने सभी जिला और उपमंडल अधिकारियों को निर्देश जारी करने को कहा है कि सर्वे, सत्यापन या किसी अन्य विविध कार्य के लिए शिक्षकों की मांग न की जाए।

अनुमत श्रेणियों से बाहर किसी असाधारण परिस्थिति में शिक्षक की ड्यूटी लगाने से पहले स्कूल शिक्षा विभाग की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। विभाग ने इन आदेशों का सख्ती से पालन करने को कहा है।

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