राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। नवजोत सिंह सिद्धू आज विधिवत कांग्रेस की पंजाब की कमान संभाल ली है। मंच पर नवजोत सिंह सिद्धू कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ बैठेे। साथ ही पंजाब कांग्रेस प्रभारी भी मौजूद रहे। मंच से कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू को बधाई दी और सिद्धू परिवार के साथ अपने संबंधों के बारे में बताया। वहीं, सिद्धू आज भी सरकार पर आक्रामक दिखे। कहा कि पंजाब का व्यक्ति बेअदबी मामले में न्याय चाहता है, नशा तस्करों पर कार्रवाई चाहता है। साथ ही उन्होंने महंगी बिजली खरीदने का मुद्दा भी उठाया। कहा कि वह हाईकमान द्वारा तय 18 मसलों को उठाएंगे। 

इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि अब पंजाब कांग्रेस को आपको (सिद्धू) चलानी है। कैप्टन ने सुनील जाखड़ की ताऱीफ की। कहा कि जाखड़ जी ने पंजाब कांग्रेस के लिए बहुत कुछ किया। कैप्टन मंच से अपने व सिद्धू परिवार के संबंधों के बारे में बताया। कहा कि जब सिद्धू वर्ष 1963 में पैदा हुए थे तो उनका सेना में कमीशन हुआ था। वह भारत-चीन बार्डर पर थे। हमारी उम्र में इतना फर्क है। कैप्टन ने कहा कि इंदिरा गांधी जी  1960 में मेरी मां को लोकसभा के चुनाव में जितवाकर ले गई। वर्ष 1970 में जब उन्होंने फौज छोड़ी तो मां ने कहा कि राजनीति में आ जाओ। 

मंच पर बैठे कैप्टन अमरिंदर सिंह, नवजोत सिंह सिद्धू, हरीश रावत व अन्य। जागरण

अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह दोनों एक साथ चलकर पंजाब में कांग्रेस को और मजबूत करेंगे। इसके साथ ही कैप्टन ने कहा कि पंजाब में मसला सिर्फ एक नहीं है। पंजाब की सीमा पाकिस्तान से लगती है। पाकिस्तान रोज हथियार व ड्रग्स भेज रहा है। जो शांति व्यवस्था के लिए खतरा है। कांग्रेस अध्यक्ष पद पर नवजोत सिंह सिद्धू को बैठाए जाने पर कैप्टन ने कहा कि पार्टी अध्यक्षा सोनिया गांधी ने जिस दिन कहा कि सिद्धू को पंजाब का प्रधान बनाना चाहते हैं तो उन्होंने उसी दिन कह दिया था कि उनका फैसला उन्हें मंजूर होगा। 

इसके बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने कार्यक्रम को संबोधित किया। कहा कि किसान दिल्ली की सड़कों पर है। यह सबसे बड़ा मसला है। सिद्धू नेे महंगी बिजली खरीदने का मुद्दा उठाया। साथ ही बेअदबी मामले पर भी कहा। सिद्धू ने इस दौरान कहा कि आज पूरे पंजाब के कांग्रेस कार्यकर्ता प्रधान बन गए हैं।

कार्यक्रम में मौजूद विधायक व मंत्री। जागरण

इससे पहले, पंजाब भवन में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सामने नवजोत सिंह सिद्धू के लिए कुर्सी लगाई गई थी। कैप्टन जैसे ही टी पार्टी में पहुंचे नवजोत सिंह सिद्धू ने उनका अभिवादन किया। जब सिद्धू अपनी सीट पर बैठने लगे तो कुछ विधायकों ने कहा कि आप सीएम साहब के साथ ही बैठो। सिद्धू खुद अपनी कुर्सी मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के पास ले गए और दोनों ने इकट्ठे बैठकर चाय पी। इस दौरान दोनों के बीच हल्की फुल्की बात भी हुई। उम्मीद की जा रही है कि इससे कैप्टन व सिद्धू के बीच जमी रिश्तों की बर्फ पिछलेगी। टी पार्टी के बाद सभी नेता पंजाब कांग्रेस मुख्यालय में पहुंचे। 

सिद्धू की ताजपोशी के लिए पंजाब कांग्रेस भवन को दुल्हन की तरह सजाया गया था। सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम रहे। इससे पहले टी पार्टी के दौरान पंजाब भवन में केवल उन्हीं लोगों को एंट्री दी गई जिनकी सूची सीएमओ की तरफ से आई थी। सिद्धू के साथ समर्थक भी जाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें बाहर ही रोक दिया। 

पंजाब भवन में टी पार्टी में कैप्टन के साथ बैठे नवजोत सिंह सिद्धू। साथ हैं पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत।

बता दें, कल दिन तक कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यक्रम में शिरकत करने को लेकर अटकलें लगाई जा रही थी। लेकिन, शाम को कैप्टन ने स्पष्ट कर दिया कि वह कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए पार्टी के पंजाब प्रभारी हरीश रावत कल ही चंडीगढ़ पहुंच गए थे। सभी नेता ने कैप्टन की टी पार्टी में जुटकर कांग्रेस भवन जा रहे हैं। इससे वह पार्टी में एकजुटता का संदेश दे रहे हैं। 

हरियाणा के पानीपत से एक कांग्रेस समर्थक पंजाब कांग्रेस भवन में कुछ इस अंदाज में पहुंचा। जागरण

इससे पहले, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि वह सिद्धू से तब तक नहीं मिलेंगे जब तक कि वह माफी नहीं मांग लेते। इसके कारण उनके कार्यक्रम में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। हालांकि अब उनका कहना है कि यह पार्टी का कार्यक्रम है। इसमें वह हिस्सा लेंगे।

पंजाब कांग्रेस मुख्यालय में पहुंचे पार्टी कार्यकर्ता। जागरण

गत दिवस कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास पंजाब प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कुलजीत नागरा व संगत सिंह गिलजियां समारोह में शामिल होने के लिए न्योता लेकर पहुंचे थे। इस न्योते पर 57 विधायकों व पंजाब यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बरिंदर सिंह ढिल्लों के हस्ताक्षर थे।  यह पत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पंजाब में 59 विधायकों से सरकार बनती है। 57 विधायकों के हस्ताक्षर इस पर थे।

 

Edited By: Kamlesh Bhatt