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पंजाब CM भगवंत मान के ओएसडी CBI के सामने हुए पेश, सीएमओ में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर साढ़े 5 घंटे पूछताछ

Published: Sat, 17 Oct 2026 12:44 PM (IST)

पंजाब के मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर घुम्मन से सीएमओ से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और ट्रांसफर-पोस्टिंग मामले में सीबीआई ने साढ़े ...और पढ़ें

राजबीर सिंह घुम्मन सीबीआई के सामने पेश हुए।

राजबीर सिंह घुम्मन सीबीआई के सामने पेश हुए। 

HighLights

  1. सोमवार को फिर जांच के लिए बुलाया गया।

  2. सीबीआई की एफआईआर में छह लोग नामजद।

  3. ट्रांसफर-पोस्टिंग, टेंडर को लेकर की जा रही जांच।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और ट्रांसफर-पोस्टिंग मामले में सीबीआई के सामने पेश हुए। वह दोपहर करीब तीन बजे सेक्टर-30 स्थित सीबीआई कार्यालय पहुंचे और रात करीब साढ़े आठ बजे बाहर निकले।

करीब साढ़े पांच घंटे चली पूछताछ में उनसे लगभग 40 सवाल किए गए। उन्हें सोमवार दोपहर दो बजे फिर जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है। उनके साथ अधिवक्ता जीपीएस घुम्मन भी थे। वकील के अनुसार, राजबीर घुम्मन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप जांच में सहयोग करने पहुंचे थे।

12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की एफआईआर पर रोक लगाने से इनकार किया था, लेकिन उस चरण में आरोपितों के खिलाफ गिरफ्तारी समेत कठोर कार्रवाई नहीं करने का अंतरिम निर्देश दिया था। अदालत ने सीबीआई जांच के पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली पंजाब सरकार की याचिका पर नोटिस जारी किया और राज्य को जांच में सहयोग करने को कहा था।

हाईकोर्ट ने पांच अक्टूबर को सीबीआई को मामला दर्ज कर जांच करने और दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था। पंजाब सरकार ने 6 अक्टूबर को इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जुलाई और अगस्त 2026 में पंजाब के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।

सीबीआई की 251 पन्नों की एफआईआर में छह लोग नामजद हैं। इनमें राजबीर सिंह घुम्मन, नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और राइस शेलर कारोबारी राजदीप सिंह नागरा शामिल हैं।

अधिकारियों की पोस्टिंग से टेंडर और जमीन तक जांच

एफआईआर के मुताबिक, वर्ष 2023 से 2026 के बीच की कथित गतिविधियों की जांच हो रही है। इसमें आईएएस-आईपीएस अधिकारियों की पोस्टिंग, विभागीय कार्यवाही, नीतिगत फैसलों, टेंडर, लाइसेंस, चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू), संपत्ति विवाद और राजस्व मामलों में कथित लेन-देन शामिल हैं।

ईडी के मुताबिक, नितिन गोहल सरकारी काम कराने के इच्छुक लोगों और राजबीर घुम्मन के बीच कथित बिचौलिये की भूमिका निभा रहा था। एजेंसी ने वाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल सामग्री मिलने का दावा किया है।

गमाडा की जमीन और रियल एस्टेट से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच में कुछ ठिकानों से दस्तावेज और डिजिटल सामग्री मिलने की बात भी कही गई। ईडी के दावे के अनुसार, नितिन गोहल से 20.98 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे।