जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर अतिरिक्त ऑक्सीजन की मांग की है। कैप्टन ने 50 टन ऑक्सीजन बोकारो से रेल के माध्यम से उपलब्ध करवाने को कहा है। मुख्यमंत्री ने यह मांग पंजाब में कोविड के ऑक्सीजन सपोर्ट पर मरीजों की गिनती दस हजार पहुंचने को देखते हुए की है।

उन्होंने कहा कि गंभीर मरीजों की गिनती लगातार बढ़ रही है और वह लेवल 2 और लेवल 3 अस्पतालों व बैड की व्यवस्था तब तक नहीं कर पाएंगे जब तक ऑक्सीजन न आए। उन्होंने कहा कि राज्य में ऑक्सीजन की मांग बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पाकिस्तान से अटारी सीमा के माध्यम से ऑक्सीजन लाने की अनुमति भी नहीं दे रही है जो भौगोलिक तौर पर सबसे नजदीक है।

उधर, पंजाब में ऑक्सीजन की लगातार बढ़ रही मांग को देखते हुए मुख्य सचिव विनी महाजन ने ऑडिट के आदेश दिए हैं। जागरण के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से कहा गया है कि वह इस बात की जांच करें कि अस्पतालों में मरीजों के लिए कितनी ऑक्सीजन की आवश्यकता है और कितनी उन्हें सप्लाई हो रही है। कहां-कहां पर ऑक्सीजन वेस्ट हो रही है और इसके क्या कारण हैं। पता चला है कि स्वास्थ्य विभाग ऑक्सीजन ऑडिट के लिए एक कमेटी का गठन करने जा रहा है।

काबिले गौर है कि बीते कल ही ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाले टैंकर के रेट को भी संशोधित करने व अमृतसर मेडिकल कॉलेज में एक मेडिकल ऑक्सीजन स्टोर टैंकर बनाने के आदेश दिए गए हैं। दरअसल ज्यों ज्यों कोरोना के मरीजों की गिनती बढ़ती जा रही है त्यों त्यों ऑक्सीजन की मांग भी बढ़ रही है। राज्य में ऑक्सीजन सपोर्ट पर मरीजों की गिनती 9000 पहुंच गई है। यही नहीं सबसे बड़ी समस्या ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए टैंकरों की भी है।

राज्य में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए मात्र 15 टैंकर हैं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार से राज्य को और ऑक्सीजन टैंकर मुहैया करवाने की अपील की। राज्य में ऑक्सीजन की मौजूदा खपत रोज़ाना 225 मीट्रिक टन से अधिक है, जबकि हर रोज़ मांग लगभग 15-20 फीसदी बढ़ रही है।

पंजाब को यहां से मिल रही है इतनी सप्लाई

बोकारो से 90 टन, मौजूदा अलॉटमेंट बद्दी वाले प्लांट से 60 टन, पानीपत प्लांट से 20 मीट्रिक टन, रुड़की में प्लांट से 15 मीट्रिक टन और देहरादून में प्लांट से 10 टन है। राज्य के एएसयूज़ और स्थानीय पीएसए से रोज़ाना लगभग 80 टन ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा रहा है। 

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