जेएनएन, चंडीगढ़/पठानकोट। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से उनकी सरकार द्वारा करतारपुर साहिब गुरुद्वारेे के दर्शन के लिए जाने वाले तीर्थयात्रियों पर लगाए गए 20 डॉलर के शुल्क को वापस लेने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने इमरान खान से अपनी अपील को ट्वीट कर कहा कि वह श्री करतारपुर साहिब में तीर्थयात्रियों पर लगाए गए 20 डॉलर के शुल्क को वापस ले। उधर, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने भी श्री करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए पाकिस्तान की तरफ से प्रति श्रद्धालु 20 डालर शुल्क वसूलने की निंदा की है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं पर अपने गुरु के दर्शन करने के लिए किसी तरह की कोई फीस नहीं होनी चाहिए। पाकिस्तान की तरफ से इसके लिए 20 डालर की फीस लगाना गलत है।

लोंगोवाल मुक्तसर के गुरु नानक कॉलेज में चल रहे विरासती युवक मेले में मुख्य मेहमान के तौर पर पहुंचे थे। उन्होंने भारत-पाकिस्तान दोनों सरकारों से अपील की कि इस फीस को रद करवाया जाए। प्रकाश पर्व पर साझा आयोजन को लेकर राज्य सरकार व एसजीपीसी में चल रहे विवाद पर उन्होंने कहा कि कोई विवाद नहीं है, जो भी अकाल तख्त साहिब से फैसला होगा, उसे लागू किया जाएगा। इस बार सियासी स्टेज व अकाल तख्त साहिब की स्टेज एक साथ या अलग-अलग लगने के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मामला अब अकाल तख्त साहिब के पास चला गया है। जो फैसला आएगा, उसके अनुसार ही काम होगा।

अकाल तख्त ने मांगी एसजीपीसी अध्यक्ष से कार्यक्रमों की रिपोर्ट

श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) से श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को लेकर सुल्तानपुर लोधी में होने वाले कार्यक्रमों की रिपोर्ट मांगी है। एसजीपीसी व पंजाब सरकार की साझी स्टेज पर कौन-कौन नेता बैठेगा, इस बारे में फैसला अभी तक नहीं हुआ है। सबसे बड़ा सवाल पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल के स्टेज पर बैठने को लेकर है क्योंकि प्रदेश सरकार नहीं चाहती कि वे दोनों स्टेज पर बैठें। माना जा रहा है कि इसीलिए एसजीपीसी से रिपोर्ट मांगी गई है और 21 अक्टूबर को होने वाली पांच सिंह साहिबान की बैठक में इस बारे में फैसला होगा।

एसजीपीसी की रिपोर्ट को पांच सिंह साहिबान की बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद सिंह साहिबान साझी स्टेज संबंधी अंतिम आदेश जारी करेंगे। चर्चा है कि साझी स्टेज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या उनका कोई प्रतिनिधि, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार, एसजीपीसी के अध्यक्ष, एक पूर्व प्रधानमंत्री, पंजाब के मुख्यमंत्री, पंजाब के एक पूर्व मुख्यमंत्री मौजूद रह सकते हैैं। यह प्रस्ताव श्री अकाल तख्त साहिब पर पहुंच भी चुका है, परंतु इस पर मोहर पांच सिंह साहिबान की बैठक में ही लगेगी।

बैठक से पहले जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में सिंह साहिबान ने लोंगोवाल को आदेश दिए हैं कि श्री अकाल तख्त साहिब पर रिपोर्ट भेजी जाए कि एसजीपीसी ने सुल्तानपुर लोधी में प्रकाश पर्व को लेकर क्या-क्या कार्यक्रम किस-किस तिथि को आयोजित करने का फैसला किया है? कार्यक्रमों के दौरान कौन-कौन धार्मिक व अन्य नेता संदेश देंगे?

उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार के दो कैबिनेट मंत्रियों ने गत सप्ताह श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से मुलाकात करके एक पत्र सौंपा था। इसमें कहा गया था कि पंजाब सरकार एसजीपीसी के साथ साझी स्टेज के लिए तैयार है, लेकिन सभी कार्यक्रम श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के नेतृत्व व दिशा निर्देशों पर चलने चाहिए।

अकाल तख्त के आदेश लागू होंगे : लोंगोवाल

एसजीपीसी अध्यक्ष जत्थेदार लोंगोवाल ने भी कहा है कि एसजीपीसी सरकार के साथ साझी स्टेज से प्रकाश पर्व संबंधी कार्यक्रम आयोजित करने के लिए तैयार है। श्री अकाल तख्त साहिब पर 21 अक्टूबर को होने वाली पांच सिंह साहिबान की बैठक में जो भी फैसला और दिशा-निर्देश जारी होंगे, एसजीपीसी उसी को लागू करेगी।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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