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जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने ट्रक यूनियनों पर पाबंदी लगाते हुए नई परविहन योजना को हरी झंड़ी दे दी है। कैबिनेट ने बुधवार को कई अहम फैसले लिये। इसमें राज्य परिवहन उपक्रम में लग्जरी बस सेवा को विस्तार देना और यूनियनों पर लगाम कसना भी शामिल है।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में राज्य परिवहन उपक्रम को पारदर्शी और आम लोगों के लिए ज्यादा सुलभ बनाने की दिशा में फैसले लिये गए। कैबिनेट ने पंजाब गुड्स कैरेजेज (रेगुलेशन एंड प्रिवेंशन ऑफ कार्टिलाइजेशन रूल्स) को हरी झंडी दी है। इससे पंजाब में ट्रक यूनियनों को सफाया लगभग तय माना जा रहा है। नई पॉलिसी के तहत अब माल ढुलाई के कारोबार में लगे लोग यूनियन या गुट नहीं बना सकेंगे।

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राज्य सरकार के मुताबिक अब राज्य परिवहन पर सरकार का पूर्णतया नियंत्रण होगा और यूनियनों की मनमानी बंद होगी। इसके लिए राज्य परिवहन प्राधिकरण, पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी का हिस्सा अंतरराज्यीय व पॉइंट-टू-पॉइंट सुपर इंटीग्रल सेवा में अनुबंध कैरिज के आधार पर धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। इसके जरिये उच्च राजस्व बस मार्ग से माफियाओं का नियंत्रण खत्म होगा। 

सरकार की ओर से प्रवक्ता ने कहा कि कैबिनेट द्वारा विजिलेंस विभाग और पुलिस की एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन करने का निर्णय भी लिया गया है, ताकि अवैध तरीके और नियमों के विरूद्ध चल रही बसों को बंद किया जा सके। ड्रॉफ्ट ट्रांसपोर्ट योजना-2017 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार तैयार किया गया है। इसे 30 दिनों में मिलने वाले आम जनता के सुझावों और प्रतिक्रिया के बाद लागू किया जाएगा।

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इसके अलावा पंजाब कैबिनेट ने शिवालिक धौलाधार टूरिज्म बोर्ड को भंग करने को मंजूरी दी है। इसका गठन पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल की अगुवाई में किया गया था। कैबिनेट ने रणजीत सागर झील में थीम डैम के आसपास केइलाकों को टूरिस्ट स्पॉट के तौर पर विकसित करने का काम पीआईडीबी को सौंपने का फैसला किया। प्रवक्ता ने कहा कि इससे कमजोर आर्थिकता का सामना कर रही राज्य सरकार को अनावश्यक वित्तीय बोझ से राहत मिलेगी।

Posted By: Ankit Kumar

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