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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पंजाब में बदली उपचुनाव की तारीख, अब इस दिन होगा मतदान; आयोग का बड़ा फैसला

Published: Mon, 04 Nov 2024 02:38 PM (IST)Updated: Mon, 04 Nov 2024 02:53 PM (IST)

पंजाब में उपचुनाव की तारीख बदल गई है। अब इन सीटों पर 20 नवंबर को मतदान होगा। पहले इन सीटों ...और पढ़ें

पंजाब में बदली उपचुनाव की तारीख, चुनाव आयोग का बड़ा फैसला।
पंजाब में बदली उपचुनाव की तारीख, चुनाव आयोग का बड़ा फैसला।

कैलाश नाथ, चंडीगढ़। चुनाव आयोग ने पंजाब में चार विधान सभा क्षेत्रों में होने वाले उप चुनाव के लिए मतदान की तारीख को 13 की बजाए अब 20 नवंबर कर दिया है। आयोग के इस फैसले से जहां राजनीतिक पार्टियों की रणनीति गुणा-भाग बदल गया है।

कांग्रेस ने जहां आयोग के इस फैसले का स्वागत किया है। वहीं, सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने कहा हैं कि भाजपा और कांग्रेस को हार का डर सता रहा है लेकिन तारीख बदलने से कुछ नहीं बदलने वाला है।

मंडियों में फसल बेचने के लिए किसान परेशान

बता दें कि विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने 15 नवंबर को गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व को देखते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिख कर मतदान की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की थी। बाजवा का कहना है, वैसे तो उन्होंने 18 अक्टूबर को आयोग को यह पत्र लिखा था।

लेकिन वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए आयोग का यह फैसला कांग्रेस के लिए लाभदायक होगा, क्योंकि मतदान की तारीख आगे बढ़ने से मतदान की दर बढ़ेगी।

जो किसान आज मंडियों में अपनी फसल बेचने के लिए परेशान हो रहा है, वह जब मतदान करने के लिए जाएगा तो उसे अपनी परेशानी जरूर याद रहेगी। जिसका कांग्रेस को फायदा होगा।

15 अक्टूबर को गुरु नानक देव का प्रकाश पर्व

बता दें कि बाजवा ने आयोग को लिखे अपने पत्र में कहा था कि हरियाणा में बिश्नोई समाज के कारण आयोग ने चुनाव की तारीख 1 से बढ़ा कर 5 अक्टूबर की थी। इसी प्रकार से पंजाब के उप चुनाव की तारीख भी बदली जाए। क्योंकि 15 अक्टूबर को गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व है।

भले ही प्रकाश पर्व 13 नवंबर को मतदान के बाद होगा, लेकिन गुरु नामलेवा प्रकाश पर्व को लेकर काफी समय पहले से तैयारी करने लगते हैं।

वहीं, आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता व श्री आनंदपुर साहिब के सांसद मालविंदर सिंह कंग का कहना है, भाजपा और कांग्रेस को हार का डर सता रहा है। मतदान की तारीख आगे बढ़ाने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।

'किसानों का वोट बंटेगा नहीं'

आम आदमी पार्टी चारों उप चुनाव जीत रही है। जबकि भाजपा के महासचिव अनिल सरीन ने कहा कि तारीख आगे बढ़ाने या नहीं बढ़ाना आयोग का अधिकार क्षेत्र हैं। आयोग को देखना हैं कि कब चुनाव करवाने हैं। भाजपा पूरी मजबूती से चुनाव लड़ रही है।

वहीं, कांग्रेस आयोग के इस फैसले से इसलिए भी खुश हैं क्योंकि शिरोमणि अकाली दल चुनाव मैदान में नहीं हैं। ऐसे में किसानों का वोट बंटेगा नहीं।

धान खरीद में हो रही देरी के कारण किसान परेशान हैं और उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए करीब दो-दो सप्ताह मंडियों में बैठना पड़ रहा है। प्रताप सिंह बाजवा का मानना हैं कि इससे किसान कांग्रेस के हक में मतदान करेंगे।

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