पंजाब BJP कार्यालय ग्रेनेड अटैक: बम फेंकने वालों को मिले थे पांच-पांच हजार रुपये, पाकिस्तान ने रची थी साजिश
चंडीगढ़ में पंजाब भाजपा कार्यालय पर हुए ग्रेनेड हमले की चार्जशीट में आतंकी साजिश और विदेशी फंडिंग का खुलासा हुआ है।

पंजाब BJP कार्यालय ग्रेनेड अटैक (फाइल फोटो)
HighLights
चार्जशीट में आतंकी साजिश और विदेशी फंडिंग का खुलासा
पुर्तगाल, जर्मनी, फ्रांस से डेढ़ लाख रुपये की फंडिंग
हमलावरों गुरतेज और अमनप्रीत को मिले 10 हजार
रवि अटवाल, चंडीगढ़। सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय पर एक अप्रैल को हुए ग्रेनेड हमले के मामले में चंडीगढ़ पुलिस की चार्जशीट में आतंकी साजिश और विदेशी फंडिंग का पर्दाफाश हुआ है।
चार्जशीट के मुताबिक पुर्तगाल, जर्मनी और फ्रांस में बैठे विदेशी हैंडलरों ने इस हमले के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये अलग-अलग किस्तों में भेजे थे।
हालांकि, हमला करने वाले गुरतेज उर्फ तेजी और अमनप्रीत सिंह उर्फ अमन के हिस्से तो महज पांच-पांच हजार रुपये ही आए थे। यह रकम भी उन्हें हमले के अगले दिन मिली थी।
हमलावरों को मिले थे पांच-पांच हजार रुपये
नवदीप सिंह नाम के शख्स ने फ्रांस से किसी औजला के कहने पर दो अप्रैल को अमनप्रीत सिंह के बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में 10 हजार रुपये भेजे थे। फिर उसने एटीएम से पांच हजार रुपये निकालकर अपने साथी गुरतेज उर्फ तेजी को दे दिए थे।
इससे पहले तेजी ने अमनप्रीत के यूपीआइ स्कैनर की फोटो खींच कर जांगी एप पर किसी को भेजी थी।
हमले के अगले दिन तेजी और अमनप्रीत को पता चला था कि उनकी फोटो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गई है।
उसके बाद वह डरकर खाटू श्याम पहुंचे और फिर रेवाड़ी आ गए जहां उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया गया था। उनके पकड़े जाने के बाद पुलिस को इस मामले में आतंकी साजिशी और विदेशी फंडिंग का पता चला था।
फ्रांस से सुरजीत उर्फ सरपंच ने भेजे थे 1.42 लाख रुपये
चार्जशीट के मुताबिक, फ्रांस में बैठे सुरजीत उर्फ सरपंच ने इस आतंकी साजिश के लिए अलग-अलग खातों में 1.42 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। उसने 31 अक्टूबर 2025 को इकबाल सिंह के खाते में 60 हजार रुपये भेजे।
फिर 19 दिसंबर 2025 को हजनबीर सिंह को 10 हजार रुपये, 19 मार्च 2026 को 30,922 रुपये और उसी दिन 10 हजार रुपये की एक और राशि भेजी। 23 मार्च 2026 को जसवीर सिंह के खाते में 10,301 रुपये और 26 मार्च को हजनबीर सिंह को 21,070 रुपये भेजे गए।
जांच एजेंसी के मुताबिक, हमले की पूरी साजिश पुर्तगाल में बैठे बलजोत सिंह उर्फ जोता ने रची थी। फ्रांस से सुरजीत उर्फ सरपंच और जर्मनी में बैठे औजला ने भी साजिश में जोता का साथ दिया। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार और हेरोइन भेजी गई थी, जबकि पुर्तगाल और फ्रांस में बैठे हैंडलर एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के माध्यम से पूरे ऑपरेशन को चला रहे थे
