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हंगामे के बीच गुजरा पंजाब विधानसभा का पहला दिन, कांग्रेस का बायकॉट; मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद कार्यवाही स्थगित

Published: Mon, 03 Aug 2026 09:15 AM (IST)Updated: Mon, 03 Aug 2026 05:11 PM (IST)

पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन हंगामे भरा रहा। फार्मेसी पेपर लीक और नीट परीक्षा के मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली।

पंजाब विधानसभा में मानसून सत्र का पहला दिन

पंजाब विधानसभा में मानसून सत्र का पहला दिन

HighLights

  1. मुख्यमंत्री मान ने पेपर लीक को 'पेपर खरीद' बताकर केंद्र को घेरा।

  2. विपक्ष ने पंजाब में पेपर लीक के छह मामलों पर सरकार से जवाब मांगा।

  3. नीट पेपर लीक पर निंदा प्रस्ताव पारित, 900 नई PRTC बसें घोषित।

रोहित कुमार, चंडीगढ़। विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन हंगामे के बीच समाप्त हुआ। दिनभर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर तीखी बहस और नारेबाजी देखने को मिली। मुख्यमंत्री भगवंत मान के संबोधन के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि यह "पेपर लीक नहीं, बल्कि पेपर खरीद" का मामला है, जिसमें पैसे के दम पर पहले ही प्रश्नपत्र खरीद लिए जाते हैं और मेहनती छात्रों के सपने टूट जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2014 के बाद देशभर में 93 प्रश्नपत्र लीक के मामले सामने आए हैं।

मुख्यमंत्री ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और छात्रों के हितों की रक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामलों में तुरंत कार्रवाई की गई और राज्य सरकार अब तक 68 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां पारदर्शी तरीके से उपलब्ध करा चुकी है।

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LIVE UPDATES:

जानें सदन में आज क्या-क्या हुआ

  • प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि राज्य में पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान छह बार पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। उनका दावा था कि इनमें पांच मामले शिक्षा विभाग और एक मामला स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा है।
  • बाजवा ने कहा कि सरकार को इन घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए संबंधित मंत्रियों से इस्तीफा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार को इस पर जवाब देना होगा।
  • विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने विपक्ष और सत्ता पक्ष से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि इस विषय पर चर्चा के लिए पूरे सत्र के दौरान पर्याप्त समय उपलब्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन की कार्यवाही नियमों के अनुसार ही संचालित होगी।
  • सत्र की शुरुआत दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इस दौरान नीट परीक्षा पेपर लीक के कारण जान गंवाने वाले विद्यार्थियों को भी पंजाब विधानसभा में श्रद्धांजलि दी गई।
  • विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि केंद्र सरकार को अपना सिस्टम मजबूत करना चाहिए, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाएं न हों। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की वजह से कई बच्चों की जान गई है। 
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शिक्षा मंत्री बोले- मैं तैयारी के साथ आया हूं

  • शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार किसी भी सवाल से भाग नहीं रही है। उन्होंने कहा कि वह पूरी तैयारी के साथ सदन में आए हैं और विपक्ष के हर प्रश्न का तथ्यात्मक उत्तर देंगे। बैंस ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब जवाब सुनने की बारी आई तो उसके सदस्य सदन छोड़कर बाहर चले गए।
  • वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष केवल राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है, जबकि सरकार लगातार जनहित के फैसले ले रही है। वहीं, कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि प्रश्नकाल शुरू होते ही कांग्रेस सदन से बाहर चली गई, जबकि उसे चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए था।
  • सत्र के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नीट पेपर लीक मामले को लेकर निंदा प्रस्ताव भी पेश किया गया। प्रस्ताव रखते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ सख्ती बरती गई और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
  • इसके अलावा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना में मोतियाबिंद के इलाज का मुद्दा भी उठा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने सदन को बताया कि योजना के तहत मोतियाबिंद का इलाज पहले से शामिल है और लाभार्थी सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों तथा मेडिकल कॉलेजों में भी इसका लाभ ले सकते हैं।
  • वहीं, सदन में जसवंत सिंह खालड़ा से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अपने-अपने विचार रखे।
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आप ने विपक्ष को घेरा

चीमा ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस का पंजाब में वजूद खत्म हो चुका है और हर जगह से कांग्रेस में सिर्फ लीकेज ही दिखाई दे रही है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार प्रदेश में बेहतरीन काम कर रही है। वित्त मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेसी विधायक भड़क गए और वेल में आकर नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद स्पीकर ने सदन को स्थगित कर दिया।

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पंजाब में दिखेंगी नई बसें

दोबारा जब सत्र की कार्यवाही शुरू हुई तो नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने एक नया मोर्चा खोल दिया। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के हालिया आदेशों का हवाला देते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

इसके ठीक बाद कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने दोबारा फार्मेसी पेपर लीक का मुद्दा उठाने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन हंगामे के चलते इस पर कोई औपचारिक चर्चा संभव नहीं हो सकी।

इस भारी शोर-शराबे और गहमा-गहमी के बीच ही वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब की जनता के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा भी की। उन्होंने सदन को सूचित किया कि पीआरटीसी के सरकारी बस बेड़े में बहुत जल्द 900 नई बसें शामिल होने जा रही हैं, जिससे आम जनता का सफर आसान होगा। 

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