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पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करने का नया फॉर्मूला! CM चेहरा अभी नहीं, राहुल गांधी खुद संभालेंगे कैंपेन

By Dr. Sumit Singh SheoranEdited By: Anuj Sharma
Published: Thu, 10 Sep 2026 12:43 PM (IST)

सचिन पायलट ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पंजाब में 2027 का विधानसभा चुनाव बिना मुख्यमंत्री चेहरे के लड़ेगी। राहुल गांधी ...और पढ़ें

सचिन पायलट व राहुल गांधी की फाइल फोटो।

सचिन पायलट व राहुल गांधी की फाइल फोटो।

HighLights

  1. पंजाब कांग्रेस 2027 चुनाव में मुख्यमंत्री चेहरा घोषित नहीं करेगी।

  2. पार्टी सामूहिक नेतृत्व में लड़ेगी, राहुल गांधी करेंगे अभियान की अगुवाई।

  3. सचिन पायलट का लक्ष्य गुटबाजी खत्म कर संगठन को मजबूत करना।

डाॅ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति काफी हद तक स्पष्ट कर दी है। कांग्रेस पंजाब में चुनाव से पहले किसी नेता को मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर घोषित नहीं करेगी। पायलट के मुताबिक पार्टी सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी और चुनाव अभियान की अगुवाई राहुल गांधी करेंगे।

चुनाव में बहुमत मिलने के बाद ही मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला किया जाएगा। पंजाब के प्रभारी बनने के बाद पायलट का यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर खींचतान चल रही है। प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच राजनीतिक दूरी लगातार चर्चा में है।

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पायलट के बयान से बहस पर रोक

चन्नी खेमे की ओर से वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने और चुनाव में चन्नी को प्रमुख चेहरा बनाने की मांग भी सामने आती रही है। ऐसे में पायलट का मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर दिया गया बयान पार्टी के भीतर चल रही इस बहस को फिलहाल विराम देता दिखाई दे रहा है। पायलट ने संकेत दिया कि कांग्रेस के लिए किसी एक व्यक्ति का चेहरा महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि पूरी पार्टी का एकजुट होकर चुनाव लड़ना अहम है।

उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस एक टीम के रूप में चुनाव मैदान में उतरेगी और राहुल गांधी अभियान का प्रमुख चेहरा होंगे। उनका जोर संगठन को मजबूत करने और सभी नेताओं को साथ लेकर चलने पर है। पायलट ने इससे पहले भी पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से एकजुट होकर चुनाव लड़ने की अपेक्षा जताई है।

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सामूहिक मेहनत से सत्ता वापसी

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद उन्होंने सामूहिक मेहनत और मजबूत संगठन के दम पर पंजाब में कांग्रेस की सत्ता में वापसी का भरोसा जताया था। कांग्रेस के लिए यह रणनीति इसलिए भी अहम है क्योंकि 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था और सत्ता हासिल की थी।

गुटबाजी थामना पायलट की बड़ी चुनौती

वहीं 2022 में आम आदमी पार्टी ने भगवंत मान को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर चुनाव मैदान में उतरकर सरकार बनाई थी। अब कांग्रेस बिना मुख्यमंत्री चेहरे के चुनाव में उतरने की रणनीति अपना रही है। पायलट जल्द पंजाब दौरे पर आने वाले हैं। ऐसे में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रदेश कांग्रेस के अलग-अलग गुटों को एक मंच पर लाने की होगी।

खास तौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उनके दौरे और आगे राहुल गांधी के संभावित पंजाब अभियान के दौरान चन्नी, रंधावा और वड़िंग किस तरह साथ दिखाई देते हैं।

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