वैभव शर्मा, चंडीगढ़ : पुडुचेरी का राजभवन देश में अकेला ऐसा राजनिवास है जिसे हम सेवानिवास कह सकते हैं। जहां पर आम लोगों की समस्याओं की सुनवाई की जाती और उनकी मदद की जाती हैं। लोग वहां जो उम्मीद लेकर आते हैं, उन्हें निराश नहीं किया जाता है। आम जनता के लिए नियमित ओपन हाउस, जगहों पर जाकर उनका सर्वेक्षण, सरकारी अफसरों के साथ नियमित मुलाकात इस मॉडल के कुछ अहम हिस्से हैं। इन सब कामों को लेकर मौजूद पैसे की कमी को दूर करने के लिए कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) का इस्तेमाल करना चाहिए जिससे कि पब्लिक फंड्स का बचाव भी होगा। यह विचार रविवार को पुडुचेरी की लेफ्टिनेंट गवर्नर डॉ. किरण बेदी ने इंटरनेशनल कॉन्क्लेव ऑन ह्यूमन राइट्स, कम्युनिटी वेलफेयर, फिलांथ्रोफ्य और यूएन एसडीजी 2.0 लीवनोवन बिहाइंड के पहले दिन में रखे। अधिकारियों के साथ रोजाना बैठक

बेदी ने कहा कि सेवानिवास देश का एकमात्र ऐसा निवास होगा जहां पर रोजाना 10 बजे राज्य के आलाधिकारियों की बैठक होती है। यह सिलसिला रोजाना चलता है और अधिकारियों से उनके द्वारा किए जा रहे कार्यो का ब्योरा लिया जाता है। जो अखबारों में खबरें छपती हैं, उसके आधार पर अधिकारियों से पूछा जाता है और उन्हें उस कमी को जल्द पूरा करने के लिए समय दिया जाता है। स्वतंत्र विजिलेंस एजेंसी का हो गठन

एलजी डॉ. किरण बेदी ने कहा कि समाज के कल्याण और अच्छे शासन के लिए एक आजाद विजिलेंस विभाग का गठन होना चाहिए। यह विभाग बिलकुल भारतीय चुनाव आयोग जैसा होगा। अमूमन यह देखा जाता है कि जांच एजेंसियां केंद्र या फिर राज्य सरकार के दवाब में काम करती हैं जो देश की उन्नति के साथ-साथ राज्यों के लिए भी खतरा है। मानवाधिकार के बिना सामाजिक कल्याण का कोई फायदा नहीं

बेदी ने कहा मानवाधिकार के बिना सामाजिक कल्याण का कोई फायदा नहीं। उन्होंने कहा कि जागरूकता की कमी और न्याय में देरी हमारे सिस्टम की बहुत बड़ी कमी हैं। राज्य और केंद्र के विजिलेंस विभाग का आपस में बेहतर तालमेल होना चाहिए और उन्हें काम पूरी आजादी से करने देना चाहिए। जाम ही मेरा सबसे अहम मुद्दा : किरण खेर

शहर में दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे प्रदूषण और गाडि़यों के कारण लगने वाले जाम को सांसद किरण खेर ने अपना मुख्य मुद्दा बताया। सांसद ने कहा कि पराली जलाना प्रदूषण का एक बड़ा कारण है लेकिन इसका सबसे मुख्य कारण है गाडि़यों से होने वाला प्रदूषण। उन्होंने लोगों से साइकिल और कार पूल को बढ़ावा देने की बात कही।

संघर्ष क्षेत्रों में अकसर मानवाधिकारों का उल्लंघन : संधू

खरड़ के एमएलए कंवर संधू ने मानव अधिकारों के इतिहास और उनके अनेक पहलूओं पर ध्यान केंद्रित किया। कहा कि संघर्ष क्षेत्रों में अकसर मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है और ह्यूमन राइट्स कमीशन इस मामले में कमजोर पड़ जाता है। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय के बनाए गए कई कानून, खासकर महिलाओं के लिए फायदेमंद हैं।

Edited By: Jagran

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