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हरियाणा में बिजली वितरण में प्राइवेट सेक्टर की एंट्री, गुरुग्राम-नूंह में उपभोक्ताओं को मिलेगा नया विकल्प

Published: Sun, 05 Jul 2026 08:52 PM (IST)

हरियाणा में पहली बार एक निजी कंपनी, एलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड, ने गुरुग्राम और नूंह जिलों में समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस के लिए याचिका दायर की है।

हरियाणा में बिजली वितरण में प्राइवेट सेक्टर की एंट्री। फाइल फोटो

हरियाणा में बिजली वितरण में प्राइवेट सेक्टर की एंट्री। फाइल फोटो

HighLights

  1. एलेवन पावर ने समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस मांगा।

  2. गुरुग्राम-नूंह में उपभोक्ताओं को मिलेगा सेवा प्रदाता चुनने का विकल्प।

  3. कंपनी 4716 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रदेश में पहली बार निजी क्षेत्र की कंपनी ने समानांतर (पैरेलल) बिजली वितरण लाइसेंस के लिए हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचइआरसी) का दरवाजा खटखटाया है।

एलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 12 मई को दायर की गई याचिका को आयोग ने 26 मई के अंतरिम आदेश से सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। इस मामले में आठ जुलाई को सुनवाई होगी।

यदि आयोग से अनुमति मिलती है तो गुरुग्राम और नूंह जिलों में सरकारी वितरण कंपनी के साथ-साथ निजी कंपनी भी बिजली आपूर्ति कर सकेगी। भविष्य में इस व्यवस्था का विस्तार अन्य क्षेत्रों तक भी संभव हो सकता है।

लाइसेंस जारी करने का स्पष्ट प्रविधान

याचिका का आधार विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 14 का छठा परंतुक है, जिसमें एक ही आपूर्ति क्षेत्र में एक से अधिक वितरण लाइसेंस जारी करने का स्पष्ट प्रविधान है। इसी कानून के तहत उपभोक्ताओं को वितरण कंपनी चुनने का विकल्प देने की अवधारणा रखी गई थी।

याचिका में कहा गया है कि यह किसी सार्वजनिक वितरण कंपनी के निजीकरण का मामला नहीं, बल्कि पहले से मौजूद कानूनी व्यवस्था को लागू करने का प्रयास है।

याचिका के अनुसार समानांतर लाइसेंस का अर्थ यह नहीं है कि नई कंपनी मौजूदा सरकारी नेटवर्क पर कब्जा करेगी। कानून के तहत उसे अपना वितरण नेटवर्क स्वयं विकसित करना और संचालित करना होगा।

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) पहले की तरह अपनी सेवाएं जारी रखेगा और उसके अधिकार व दायित्व यथावत रहेंगे। उपभोक्ताओं के पास केवल सेवा प्रदाता चुनने का अतिरिक्त विकल्प होगा।

याचिका में मुंबई की व्यवस्था और विद्युत अपीलीय अधिकरण (एपीटीइएल) के 11 मार्च के फैसले का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें समानांतर नेटवर्क के चरणबद्ध विस्तार को स्वीकार किया गया था।

कम आय वाले परिवारों से लेकर कामर्शियल उपभोक्ताओं का समान ध्यान

एलेवन पावर ने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग को अपने शपथपत्र में भरोसा दिया है कि वह लाइसेंस मिलने पर हर श्रेणी के उपभोक्ताओं को सेवा देगी। कंपनी ने विद्युत अधिनियम की धारा 43 के तहत सार्वभौमिक सेवा दायित्व का पालन करने का वचन दिया है।

इसके तहत नूंह के कृषि एवं कम आय वाले परिवारों से लेकर गुरुग्राम के औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं तक सभी को समान रूप से बिजली उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

गुरुग्राम व नूंह जिलों में 4716 करोड़ की निवेश योजना

याचिका में 80 प्रतिशत नवीकरणीय और 20 प्रतिशत तापीय ऊर्जा के मिश्रण से बिजली आपूर्ति, स्मार्ट मीटरिंग, डिजिटल बिलिंग, पारदर्शी दरें और समयबद्ध शिकायत निवारण जैसी सुविधाओं का भी प्रस्ताव रखा गया है।

कंपनी ने 4,716.73 करोड़ रुपये के निवेश की योजना प्रस्तुत की है, जिसमें 1,415.02 करोड़ रुपये इक्विटी और 3,301.71 करोड़ रुपये ऋण शामिल है। साथ ही अपनी वित्तीय क्षमता और बैंकिंग समर्थन से जुड़े दस्तावेज भी आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए गए हैं।