सुमेश ठाकुर, चंडीगढ़। प्राइवेट स्कूल आठ प्रतिशत से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकें, इसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी प्राइवेट स्कूलों से फीस का ब्योरा मांगा है। स्कूलों को यह ब्योरा 2018-19 और 2019-20 का देना होगा, ताकि विभाग यह खुद ही तय कर सके कि फीस आठ प्रतिशत से ज्यादा किसी स्कूल ने नहीं बढ़ाई है। इसके लिए विभाग ने सर्कुलर तैयार कर लिया है, जो सोमवार को जारी भी कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि शिक्षा विभाग ने नवंबर 2016 में पंजाब की फीस ड्राफ्ट पॉलिसी को अडॉप्ट किया था। जिस पर एमएचए ने मंजूरी देकर अप्रैल 2017 में वापस भेज दिया था। शिक्षा विभाग ने अप्रैल में ही शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था और सभी प्राइवेट स्कूलों को क्लीयर कर दिया था कि कोई भी प्राइवेट स्कूल आठ प्रतिशत से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकता। इस समय शहर में 75 मान्यता प्राप्त स्कूल हैं। इसके अलावा 50 के करीब स्कूल बिना मान्यता के भी चल रहे हैं। जिन्हें यह जानकारी विभाग को देनी अनिवार्य है।

मोती राम स्कूल को मिल चुके हैं फीस वापसी के निर्देश

शिक्षा विभाग की तरफ से जारी की गई फीस पॉलिसी के बाद दिसंबर 2018 में मोती राम आर्य स्कूल सेक्टर-27 को फीस वापसी के निर्देश दिए जा चुके हैं। स्कूल की शिकायत स्टूडेंट्स के परिजनों ने विभाग को दी थी। ज्यादा बढ़ाई फीस तो विभाग करेगा शिकायत विभाग की तरफ से मांगी गई डिटेल में क्लीयर किया गया है कि यदि किसी भी स्कूल की फीस 8 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ी हुई पाई गई, तो विभाग उसके खिलाफ बिना शिकायत के भी कार्रवाई कर सकता है। इसमें स्कूलों को बढ़ाई हुई फीस को वापस करना होगा, यदि स्कूल ऐसा नहीं करता है, तो लीज को कैंसिल किया जा सकता है।

ज्यादा फीस पर कार्रवाई करेगा विभाग: बंशीलाल

शिक्षा सचिव बंशीलाल शर्मा का कहना है कि फीस पॉलिसी को प्रभावी तौर पर लागू करने के उद्देश्य से सभी प्राइवेट स्कूलों से डिटेल मंगवाई जा रही है। यदि किसी स्कूल की फीस ज्यादा बढ़ी हुई मिली, तो विभाग कार्रवाई करेगा।

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