यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 09, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पंजाब आप में बड़े धमाके की तैयारी, 11 MLA के भाजपा से संपर्क की चर्चा
पंजाब में आम आदमी पार्टी में धमासान और बढ़ने की संभावना है। पार्टी के 11 विधायकों के भाजपा के संपर्क ...और पढ़ें

जेएनएन, चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन के बाद घमासान और तेज हो गया है। चर्चा है कि पंजाब आप में अगले कुछ दिनों में बड़ा धमाके हो सकते हैं। भगवंत मान को पार्टी का नया प्रधान बनाए जाने के बाद पूर्व कन्वीनर गुरप्रीत सिंह वडैच घुग्घी व सुखपाल सिंह खैहरा के समर्थकों ने धड़ेबंदी तेज कर दी है। ताजा घटनाक्रम में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सचिव विनीत जोशी ने यह कहकर नए समीकरण के संकते दिए हैं कि आप के 11 विधायक भाजपा के संपर्क में हैं।
मंगलवार को चंडीगढ़ में घुग्घी ने अपने करीबियों के साथ बैठक करके विचार-विमर्श किया कि पार्टी के फैसले को लेकर किस प्रकार से रिएक्ट किया जाए। पंजाब विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद पार्टी की सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को पंजाब के विधायकों व बड़े नेताओं की पहली बैठक बुलाई थी।
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बैठक में ही केजरीवाल ने घुग्घी को कन्वीनर के पद से हटाकर इस पद को खत्म कर प्रधान व उप प्रधान के पदों की घोषणा की। साथ ही नए पदों पर भगवंत मान को प्रधान, अमन अरोडा को उप प्रधान व सर्वजीत कौर को विधायक दल का उपनेता बनाने का एलान किया था।
इसका मौके पर पार्टी के प्रवक्ता व चीफ व्हिप सुखपाल सिंह खैहरा व घुग्घी ने केजरीवाल के इस फैसले का विरोध किया था। घुग्गी ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि पार्टी की हार के कारण का ठीकरा मान के सिर पर फूटना चाहिए, क्योंकि मान चुनाव प्रचार कमेटी के चेयरमैन रहे हैं। वहीं, खैहरा ने भी केजरीवाल के फैसले के विरोध में चीफ व्हिप व प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दे दिया था।
इसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि मंगलवार को पार्टी के अन्य नेताओं की तरफ से मान को प्रधान बनाए जाने के विरोध में कोई बड़ा कदम उठाया जा सकता है। मंगलवार को घुग्घी ने कुछ विधायकों व बड़े नेताओं के साथ चंडीगढ़ में गुप्त बैठक कर भविष्य की रणनीति तय की। घुग्घी का कहना है कि अभी वह अपनी रणनीति का खुलासा नहीं करेंगे। एक दो दिनों में फैसला लेंगे कि क्या करना है।
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घुग्घी ने अपना स्टैंड कल ही स्पष्ट कर दिया था कि पार्टी ने नेतृत्व परिवर्तन का फैसला करना था तो निष्पक्ष रूप से वालेंयिटर्स से राय लेने के बाद करना चाहिए था। उम्मीद की जा रही है बुधवार को घुग्घी व खैहरा या उनके समर्थक कोई बड़ा सियासी धमाका कर सकते हैं।
वहीं, भाजपा के प्रदेश सचिव विनीत जोशी ने मंगलवार को यह कहकर राज्य की सियासत गरमा दी कि आप के 11 विधायक लगातार भाजपा के संपर्क में हैं। लेकिन, बात तो दो तिहाई विधायकों यानी 14 की संख्या होने से बनेगी। जोशी ने बताया कि आम आदमी पार्टी में आपसी घमासान व केजरीवाल की नीतियों के खिलाफ नेताओं में काफी रोष है। इसलिए आप के विधायक नए घर की तलाश में हैं।
दूसरी ओर, बताया जाता है कि शिरोमणि अकाली दल के साथ भी आप के कुछ विधायक संपर्क में हैं। अकाली दल की नजरें भी लगातार ताजा घटनाक्रम पर लगी हुई हैं। अगर आप के 14 विधायक एकजुट हो गए तो वे किसी भी दल को ज्वाइन कर सकते हैं।
