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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 01, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पंजाब में अब आठ बजे सुबह से खुलेंगे दफ्तर, जानें कैप्‍टन सरकार को क्‍याें उठाना पड़ा यह कदम

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Thu, 01 Jul 2021 08:27 PM (IST)Updated: Fri, 02 Jul 2021 12:44 PM (IST)

पंजाब में भीषण गर्मी के साथ ही बिजली कटौती बढ़ गई है। ऐसे में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एहतिहाती ...और पढ़ें

पंजाब में घटना दफ्तरों की समय। ब्रेकिंग न्यूज
पंजाब में घटना दफ्तरों की समय। ब्रेकिंग न्यूज

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। भीषण गर्मी पड़ने के साथ ही पंजाब में बिजली संकट गहरा गया है। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कल से राज्य सरकार के दफ्तरों का समय घटाने और बिजली के अधिक उपभोग वाले उद्योगों में बिजली कटौती के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य फसलों को बचाने के साथ-साथ घरेलू बिजली सप्लाई सुनिश्चित करना है।

बिजली संकट से निपटने के लिए पंजाब में बदला दफ्तरों का समय, कुछ उद्योगों में होगी पावर कटौती

मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी दफ्तरों में बिजली बचाने के निर्देश दिए हैं। कहा कि स्थिति बहुत गंभीर है। राज्य में बिजली की मांग 14500 मेगावाट तक पहुंच गई है। इसको देखते हुए राज्य में अब सरकारी दफ्तर सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुलेंगे। हालांकि एयर कंडीशनर (एसी) के प्रयोग पर पाबंदी नहीं लगाई गई है। 

मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग के प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को अपना संघर्ष ख़त्म करने की अपील करते हुए कहा कि इससे संकट और गहरा गया है। फीडरों और सब-स्टेशनों की ओवरलोडिंग के कारण बिजली आपूर्ति में तकनीकि खराबी की शिकायतों को तेजी से निपटाया नहीं जा रहा है।

उच्चस्तरीय बैठक के दौरान स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने तीन सदस्यीय समिति बनाई, जिसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास, पीएसपीसीएल के सीएमडी और विशेष सचिव वित्त को शामिल किया गया है। यह समिति प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की शिकायतों का हल करेगी।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कर्मचारियों को विश्वास दिलाया कि उनकी वाजिब मांगों पर विचार किया जाएगा और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की ज्यादातर मांगों जैसे कि कर्मचारियों के एनपीएस हिस्से में वृद्धि करना, उत्पादन भत्ते को बहाल करना आदि को पहले ही मान लिया गया है। राज्य में अलग-अलग बोर्ड/निगमों में छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कर्मचारियों से अपील की कि वह राज्य की कृषि और उद्योगों के साथ-साथ अपने घरेलू उपभोक्ताओं जो कोविड महामारी के दौर में लंबे बिजली कटों के कारण कठिन समय से गुज़र रहे हैं, के हित में अपना संघर्ष वापस ले लें।

सीएम ने कहा कि बिजली कटों के कारण किसान धान की फसल लगाने का अपना कीमती समय खो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्विघ्न बिजली की सप्लाई के लिए कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देने की जरूरत है। उन्होंने राज्य के कृषि, घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को सब्सिडी पर निरंतर बिजली की सप्लाई देने की अपनी सरकार की वचनबद्धता भी दोहराई।

पीएयू में बिना एसी के बैठे कर्मचारी। एएनआइ

उधर, सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की अपील का असर अब दिखने लगा है। दफ्तरों में एसी बंद हैं। सिर्फ पंखों से ही का चलाया जा रहा है। लुधियाना स्थित पीएयू में कार्यरत रविंदर का कहना है कि सभी कार्यालयों में आदेशों का पालन किया जा रहा है। एसी बंद कर दिए गए हैं और केवल पंखे का उपयोग किया जा रहा है।