जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ :

यूटी पुलिस विभाग के पुलिस एस्टेब्लिशमेंट ब्रांच (पीईबी) में इंचार्ज के तौर पर तैनात सब इंस्पेक्टर कमल पाल सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि इस कार्रवाई की वजह पूछने पर विभाग के आला अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। दिलचस्प है कि इससे पहले कई बार पीईबी ब्रांच से मुलाजिमों के ट्रांसफर पोस्टिग में धांधली के आरोप लग चुके हैं।

कमल पाल सिंह इंचार्ज के तौर पर पुलिस हेडक्वार्टर में बैठते थे। उन्हें सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस, हेडक्वार्टर मनोज कुमार मीणा के निर्देश पर निलंबित किया गया है। सूत्रों के अनुसार आला अधिकारियों की तरफ से तत्काल प्रभाव से एसआइ को सस्पेंड कर विभागीय जांच खोलने के पीछे बड़ी वजह है। इसी वजह से अधिकारी इस मसले पर कुछ भी बोलने से फिलहाल इन्कार कर रहे हैं। बड़ा सवाल है कि जब अधिकारियों को कार्रवाई की वजह ही मालूम नहीं है तो एसआइ को भला सस्पेंड क्यों किया गया? ऑनलाइन ट्रांसफर- पोस्टिग सिस्टम ठंडे बस्ते में

वर्ष 2019 में तत्कालीन यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने पुलिस विभाग में ऑनलाइन ट्रांसफर-पोस्टिग सॉफ्टवेयर की शुरुआत की थी। तब पहली बार 2641 पुलिसकर्मियों के सॉफ्टवेयर के जरिये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए थे। लेकिन करीब 40 रिटायर्ड पुलिसकर्मियों के भी नाम ट्रांसफर लिस्ट में आने से विभाग की किरकिरी हुई थी। इसके बाद इस लिस्ट को रोक दिया गया था। इसके बाद विभाग ने अलग-अलग आदेशों के तहत पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर किए। अब ऑनलाइन सॉफ्टवेयर सिस्टम से ऑनलाइन ट्रांसफर पोस्टिग ठंडे बस्ते में है।

Edited By: Jagran