चंडीगढ़, [कैलाश नाथ]। आर्थिक मंदी के दौर में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने छोटे उद्योगों व कमर्शियल सेक्टर में निवेश के लिए बूस्टर डोज दी है। इसके साथ ही पंजाब सरकार ने भवन निर्माण नियमों में भी बड़े स्तर पर सुधार किए हैं। इन सुधारों के अनुसार अब लुघ उद्योग स्थापित करने के लिए प्लॉट के आकार की सीमा व अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।

छोटे उद्योग व कमर्शियल सेक्टर में निवेश को कैप्टन की बूस्टर डोज

छोटे होटल, मोटल व गेस्ट हाउस को प्रोत्साहित करने के लिए पूर्व निर्धारित अनिवार्य प्लॉट के आकार को घटा कर 200 वर्ग फीट कर दिया गया है। सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। पंजाब सरकार ने सिनेमा घर को मिनीप्लेक्स में बदलने का रास्ता साफ कर दिया है। प्रदेश में पेट्रोल पंप अब 60 फीट की सड़कों पर भी खुल सकेंगे। पहले यह शर्त 100 फीट की थी। जिन शहरों में मास्टर प्लान नहीं है, वहां कमर्शियल प्रोजेक्टों के लिए सड़कों की चौड़ाई के नियम तय कर दिए गए हैं।

सिनेमाघरों के नियमों में ये बदलाव

-एक मिनीप्लेक्स में दो स्क्रीन की अनिवार्यता को हटा कर चार स्क्रीन तक कर दिया गया है।

-कम से कम 250 सीटें होने की शर्त को खत्म कर दिया गया है। अब अधिकतम 999 सीटें हो सकती हैं।

-50 फीट चौड़ाई वाली सड़कों पर बने सिनेमा घरों को भी मिनीप्लेक्स में बदला जा सकेगा। इसे कमर्शियल प्रयोग में भी लाया जा सकेगा।

मल्टीप्लेक्स में निवेश के प्रावधानों में सुधार

-विभिन्न चौड़ाई वाली सड़कों पर बने मल्टीप्लेक्स के फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) को भी बढ़ा दिया गया है।

-पंजाब पर्चेस ऑफ एफएआर का नया प्रावधान किया गया है। इसके तहत मल्टीप्लेक्स में एफएआर की खरीद-फरोख्त की जा सकेगी। इसके लिए नियम व शर्तें तय कर दी गई हैं। इसमें ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स भी शामिल हैं।

होटल, मोटल व गेस्ट हाउस खोलने के लिए नियमों में छूट

पंजाब सरकार ने होटल, मोटल और गेस्ट हाउस खोलने के लिए प्लॉट के अनिवार्य आकार 1000 स्क्वायर फीट में कटौती करते हुए इसे 200 स्क्वायर फीट कर दिया है। इस फैसले से न सिर्फ छोटे होटल व मोटल को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में निवेश के अवसर खुलेंगे।

लघु उद्योगों को बड़ी राहत

-पंजाब सरकार ने लघु उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्लॉट में 360 स्क्वायर फीट की अनिवार्यता को ही खत्म कर दिया है।

-अब किसी भी आकार वाले प्लॉट पर लघु उद्योग स्थापित किया जा सकता है। इससे होजरी, कॉटेज इंडस्ट्री और अन्य लघु उद्योगों को लाभ होगा।

-टेक्सटाइल, निट वियर और आइटी इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए इनकी बिल्डिंग की ऊंचाई को 15 मीटर से बढ़ा कर 21 मीटर कर दिया गया है।

-कोई भी इंडस्ट्री अपने औद्योगिक प्लॉट में ही गोदाम का निर्माण करवा सकेगी।

-सुरक्षा की दृष्टि से गोदामों में थोक विक्रेता की ओर से भंडारण की सीमा को भी तय कर दिया गया है।

ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के नियमों में नए प्रावधान

-ग्र्रुप हाउसिंग सोसाइटी के नियमों में सुधार करते हुए अब सोसायटियों में प्राइमरी स्कूल व क्रेच खोले जाने का भी प्रावधान किया गया है।

-फ्लैटों की बालकनी को एफएआर से बाहर कर दिया गया है। बालकनी की लंबाई की सीमा को भी 1.2 से बढ़ा कर 1.8 मीटर कर दिया गया है।

मेडिकल कॉलेज व नर्सिंग होम्स का एफएआर बढ़ाया

-10 एकड़ से बड़ी जमीन पर बने अस्पताल जिनमें नर्सिंग कॉलेज और हॉस्टल हैं, उन्हें अब इंस्टीट्यूशनल भवन माना जाएगा। सरकार ने इनका एफएआर बढ़ा दिया है।

-छोटे नर्सिंग होम्स और अस्पताल को मल्टी लेवल पार्किंग के लिए पांच फीसद अतिरिक्त ग्र्राउंड कवरेज के प्रावधान के साथ मल्टी लेवल पोडियम पार्किंग को एफएआर व ग्र्राउंड कवरेज से बाहर कर दिया गया है।

-इनमें वेटिंग हॉल रिसेप्शन और आपातकालीन सीढिय़ां भी एफएआर से मुक्त होंगे। अस्पतालों में रैंप के आकार को भी तय कर दिया गया है।

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