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PGI में मरीजों को बेचा महंगा सामान तो लगेगा 50 हजार जुर्माना, कैंटीन-दुकान का लाइसेंस भी होगा निलंबित

Published: Thu, 05 Nov 2026 02:49 PM (IST)

पीजीआई चंडीगढ़ ने मरीजों से मनमानी कीमत वसूलने वाले दुकानदारों और कैंटीन संचालकों पर शिकंजा कसा है। अब ओवरचार्जिंग, खराब ...और पढ़ें

पीजीआई में मनमाने दाम वसूलने वाले दुकानदारों और कैंटीन संचालकों पर शिकंजा। (एआई जनरेटेड फोटो)

पीजीआई में मनमाने दाम वसूलने वाले दुकानदारों और कैंटीन संचालकों पर शिकंजा। (एआई जनरेटेड फोटो)

HighLights

  1. मनमाने दाम वसूलने वालों पर शिकंजा।

  2. एक्सपायरी उत्पाद बेचने पर भी कार्रवाई।

  3. नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं होगा।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पीजीआई में मरीजों और उनके तीमारदारों से मनमाने दाम वसूलने वाले दुकानदारों और कैंटीन संचालकों पर अब शिकंजा कसेगा। अब ओवरचार्जिंग करने और रेट लिस्ट प्रदर्शित नहीं करने पर 10 हजार रुपये के बजाय 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। बार-बार लापरवाही पर लाइसेंस निलंबित होगा।

एक्सपायरी, नकली, खराब या गंदे उत्पाद बेचने पर भी 50 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। गंभीर मामलों में दुकान का लाइसेंस निलंबित या रद भी किया जा सकता है। पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा कि अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए।

व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी है कि वे मरीजों की परेशानियां बढ़ाने के बजाय उनकी सुविधा का ध्यान रखें। संस्थान में उचित कीमत, स्वच्छता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

स्वच्छता में लापरवाही पर 20 हजार जुर्माना

पीजीआइ प्रशासन की ओर से जारी नए प्रावधानों के तहत दुकानों में गंदगी और अस्वच्छता पाए जाने पर जुर्माना पांच हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं, रेट लिस्ट और छूट की जानकारी प्रदर्शित नहीं करने पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगेगा। ग्राहकों को बिल नहीं देने, कूड़े का उचित निस्तारण नहीं करने, अतिक्रमण और अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने पर भी कार्रवाई होगी।

बार-बार उल्लंघन पर लाइसेंस रद करने की तैयारी

नकली, एक्सपायरी, खराब या गंदे उत्पाद बेचने को गंभीर उल्लंघन की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे मामलों में प्रत्येक उल्लंघन पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा संबंधित दुकान का लाइसेंस निलंबित या रद किया जा सकता है। गंभीर और बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ पीजीआइ प्रशासन अपने स्तर पर कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई भी करवा सकेगा।

16 अक्टूबर को समिति ने की थी समीक्षा

जुर्माने की राशि बढ़ाने का निर्णय संस्थान की ओर से गठित समिति की समीक्षा के बाद लिया गया। 16 अक्टूबर को उपनिदेशक प्रशासन पंकज राय की अध्यक्षता में हुई बैठक में पुराने प्रावधानों की समीक्षा की गई थी। समिति ने प्रभावी कार्रवाई और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जुर्माने की राशि बढ़ाने की सिफारिश की थी।

पीजीआई प्रशासन का कहना है कि नए प्रावधानों का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं, बल्कि दुकानदारों को नियमों के प्रति जवाबदेह बनाना है। मरीजों और तीमारदारों को अस्पताल परिसर में उचित कीमत पर सुरक्षित उत्पाद और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध करवाना संस्थान की प्राथमिकता है।

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