बलवान करिवाल, चंडीगढ़ : सेक्टर-32 पीजी अग्निकांड में तीन लड़कियों की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। यह मामला अब सिर्फ एस्टेट ऑफिस तक ही सीमित नहीं रहा। सेक्रेटरी एस्टेट एके सिन्हा ने मामले में डीसी को बुलाकर अपडेट ली हैं। साथ ही पूरे मामले की गहनता से जांच कर रिपोर्ट सबमिट करने को कहा है। इतना ही नहीं मामले में जिम्मेदारी भी तय करनी होगी। फील्ड स्टाफ से लेकर संबंधित अथॉरिटी तक को इंटर्नल इन्क्वायरी में शामिल होना होगा। इस मामले में सेक्रेटरी फाइनेंस कम एस्टेट एके सिन्हा से बातचीत की गई। उनसे बातचीत के अंश कुछ इस प्रकार हैं। इतना बड़ा हादसा हो गया, कहां चूक हुई?

-इस मामले में डीसी अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं। उनकी जांच पूरी होने दीजिए, उसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी। जिस स्तर पर चूक हुई है, उन पर सख्त कार्रवाई होगी। एनफोर्समेंट टीम ग्राउंड लेवल पर ड्यूटी निभाती तो बच जाता हादसा

-यह देखना एनफोर्समेंट विग का ही काम है। अब उन्होंने अपना काम ठीक से किया या नहीं, यह तो जांच के बाद ही क्लीयर होगा। डीसी को जांच पूरी करने दीजिए। फिर अगर एनफोर्समेंट की गलती भी निकलती है तो उन पर कार्रवाई होगी। आरोप है कि एनफोर्समेंट स्टाफ और पुलिस पीजी संचालकों से मंथली लेती है

-अगर ऐसी कोई बात है तो उन्हें सुबूत दीजिए, तुरंत कार्रवाई करेंगे। बाकी डीसी मामले में सभी एंगल को ध्यान में रख जांच कर रहे हैं। किसी के पास ऐसे सुबूत हैं तो उनसे मिल सकते हैं। कुछ ऐसा मिलता है तो कार्रवाई करेंगे। पीजी और टेनेंट्स की परिभाषा तय होनी थी उसका क्या?

-चंडीगढ़ में पीजी को लेकर पहले से पॉलिसी है। ऐसा नहीं है कि कोई नियम पीजी के लिए नहीं है। हां, पॉलिसी में बदलाव या अपग्रेड करना अलग बात है। जितने पीजी पूरे चंडीगढ़ में रजिस्टर्ड हैं, उतने केवल एक सेक्टर में हैं, इस पर क्या कहेंगे ?

पीजी रजिस्ट्रेशन का काम एस्टेट ऑफिस का है। कितने रजिस्टर्ड हैं, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। अगर अवैध पीजी चल रहे हैं तो वह कैसे और उनकी रजिस्ट्रेशन क्यों नहीं है, इस पर डिटेल रिपोर्ट मांगी गई है। मेरे पास आने दीजिए फिर देखते हैं। टीम बनाकर अवैध पीजी की जांच होगी।

Posted By: Jagran

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