जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बड़ा पासा फेंका है। बंसल ने राजीव गांधी चंडीगढ़ इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी पार्क में पा‌र्श्वनाथ बिल्डर से वापस मिली जमीन पर कर्मचारियों के लिए फ्लैट बनाने की मांग की है। बंसल ने इस भूमि का एक हिस्सा कर्मचारियों और कोआपरेटिव सोसायटी को घर बनाने के लिए दिए जाने की आवाज उठाई है। बोर्ड को यह 123 जमीन 2015 में पा‌र्श्वनाथ डेवलपर्स से वापस मिली थी। इस जमीन को अलग-अलग कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्लॉट में बांट कर चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड कई महीने से ऑक्शन कर रहा है। लेकिन कई प्रयास के बाद भी सिर्फ सीएनजी प्लॉट की ही ऑक्शन हो सकी है। बाकी कोई प्लॉट नहीं बिक सका है। यूटी इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम-2008 के तहत कर्मचारियों ने एक दशक पहले करीब 57 करोड़ रुपये की राशि बोर्ड के पास जमा कराई थी। स्कीम के तहत आवेदन करने वाले कई इंप्लाइ अब इस दुनिया में नहीं हैं। कुछ रिटायर हो चुके हैं। लेकिन अभी तक फ्लैट मिलने का इंतजार खत्म नहीं हुआ है। बंसल ने कहा कि कर्मचारियों के लिए घर और दो मैरेज पैलेस व बैंक्वेट हॉल जैसी कई जरूरतों को पूरा करने के लिए यह जमीन आवंटित की जानी चाहिए। बंसल ने कटाक्ष किया कि मौजूदा कई कोआपरेटिव सोसायटी का निर्माण चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के मानकों से भी ज्यादा बेहतर है। गृह मंत्री पर कसा तंज पवन बंसल ने कहा कि भाजपा कर्मचारियों के मकान बनाने पर केवल राजनीति कर रही है। जिस तरह से गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आवास योजना पर अनभिज्ञता दिखाई उससे पता चलता है कि भाजपाई इस मसले पर कितने गंभीर हैं। स्थानीय भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन और सासद किरण खेर भी कर्मचारियों को सिर्फ आश्वासनों में उलझा रहे हैं। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में भी इसे शामिल किया। लेकिन कर्मचारियों को चार साल बाद भी कुछ नहीं मिला।