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परविंदर झोटा हत्याकांड: केंद्र ने पंजाब सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट, नशा विरोधी कार्रवाई का भी देना होगा ब्योरा

Published: Fri, 16 Oct 2026 08:42 PM (IST)Updated: Fri, 16 Oct 2026 09:04 PM (IST)

केंद्र सरकार ने मानसा में परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या पर पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसके ...और पढ़ें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फाइल फोटो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फाइल फोटो

HighLights

  1. केंद्र ने मानसा झोटा हत्याकांड पर रिपोर्ट मांगी।

  2. पंजाब से नशा नियंत्रण विजन डॉक्यूमेंट पर अपडेट मांगा।

  3. नशा मुक्त भारत 2029 लक्ष्य पर कार्रवाई का ब्योरा।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। मानसा में 13 अक्टूबर को परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या के मामले में केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार से विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर घटना का पूरा ब्योरा देने और इस मामले में राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा है।

पत्र में झोटा को पंजाब में नशीले पदार्थों और मन:प्रभावी दवाओं की खुलेआम बिक्री तथा दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाने वाला व्यक्ति बताया गया है। हत्या के बाद राज्य में हुए विरोध प्रदर्शनों का भी पत्र में उल्लेख किया गया है।

भारत सरकार के अवर सचिव सुबोध कुमार जयसवाल की ओर से पंजाब के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार मानसा की घटना से संबंधित विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट उपलब्ध करवाए। इसके साथ ही यह भी बताया जाए कि हत्या के मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है और राज्य सरकार ने आगे क्या कदम उठाए हैं। पत्र की प्रति पंजाब पुलिस के महानिदेशक को भी भेजी गई है।

विजन डॉक्यूमेंट पर कार्रवाई का हिसाब मांगा

केंद्र सरकार ने पत्र में केवल झोटा हत्याकांड की जानकारी ही नहीं मांगी, बल्कि पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई का ब्योरा भी तलब किया है। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से 10 अगस्त 2026 को पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ साझा किए गए ''नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029)'' के तहत उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा गया है।

पत्र के अनुसार, इस विजन डॉक्यूमेंट में नशामुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए रणनीतिक प्राथमिकताएं और कार्रवाई के बिंदु तय किए गए हैं। इसमें सभी संबंधित पक्षों से लगातार और समन्वित कार्रवाई करने की अपेक्षा की गई है। केंद्र ने पंजाब सरकार से पूछा है कि इस दस्तावेज में निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य में अब तक क्या कार्रवाई की गई है।

समर्पित एएनटीएफ से लेकर वित्तीय जांच तक का ब्योरा मांगा

विजन डॉक्यूमेंट में समर्पित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के पुनर्गठन या गठन, नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में अनिवार्य वित्तीय जांच, नतीजों पर आधारित एनसीओआरडी समीक्षा बैठकों और अभियोजन व्यवस्था को मजबूत करने जैसे कदम शामिल हैं।

इसके अलावा एनडीपीएस अदालतों को सशक्त बनाने, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार सक्रिय नशीले पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई और अन्य उपायों का भी उल्लेख है।

केंद्र सरकार ने पंजाब से इन सभी बिंदुओं पर की गई कार्रवाई की जानकारी देने को कहा है। यानी राज्य सरकार को यह बताना होगा कि नशा तस्करी पर रोक लगाने, इससे जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करने, वित्तीय जांच को प्रभावी बनाने और मामलों में अभियोजन को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

2029 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य

केंद्र सरकार के विजन डॉक्यूमेंट का उद्देश्य वर्ष 2026 से 2029 के दौरान नशे के खिलाफ कार्रवाई को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाना है। पत्र में इस राष्ट्रीय लक्ष्य के लिए सभी संबंधित पक्षों की निरंतर भागीदारी और कार्रवाई पर जोर दिया गया है।

पत्र के अंत में कहा गया है कि यह सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी से जारी किया गया है। केंद्र की ओर से मांगी गई रिपोर्ट में एक तरफ मानसा में परविंदर सिंह उर्फ झोटा की हत्या और उसके बाद हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े तथ्य शामिल होंगे।

वहीं, दूसरी तरफ पंजाब सरकार को नशा नियंत्रण के लिए केंद्र के विजन डॉक्यूमेंट के तहत उठाए गए कदमों का भी विवरण देना होगा।

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