पदभार संभालते ही एक्शन में परगट सिंह, दिल्ली में सचिन पायलट के साथ बनाई जीत की रणनीति
परगट सिंह ने दिल्ली में पार्टी प्रभारी सचिन पायलट से मुलाकात की। इस दौरान पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात, संगठन ...और पढ़ें
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परगट सिंह ने की सचिन पायलट संग मुलाकात।
HighLights
परगट सिंह ने दिल्ली में सचिन पायलट से मुलाकात की
पंजाब कांग्रेस की संगठनात्मक मजबूती पर हुई चर्चा
आगामी विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति तैयार की गई
डॉ सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के नवनियुक्त प्रधान परगट सिंह ने सोमवार को दिल्ली स्थित पंजाब भवन में पार्टी के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट से मुलाकात की।
इस दौरान पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात, संगठन की मजबूती और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर विचार-विमर्श किया गया। रविवार को चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद परगट सिंह की यह मुलाकात संगठन के स्तर पर आगे की रणनीति तैयार करने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
पार्टी के सामने हैं कड़ी चुनौतियां
बैठक में पार्टी के विधायकों और जिला कांग्रेस प्रधानों के साथ भी चर्चा कर आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों, संगठनात्मक गतिविधियों और पंजाब से जुड़े जनहित के मुद्दों पर विचार किया गया।
पार्टी के सामने अब प्रदेश स्तर पर संगठन को सक्रिय करने, नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक स्तर पर उठाने की चुनौती है।
परगट ने रविवार को संभाला पदभार
परगट सिंह ने रविवार को पदभार ग्रहण करने के दौरान सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने तथा टीम भावना से काम करने पर जोर दिया था। उनके पदभार संभालने के कार्यक्रम में सचिन पायलट सहित पंजाब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे।
लंबे समय से पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी के बीच इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी को संगठन में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा गया।
विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर रहेगा जोर
पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस के लिए संगठनात्मक गतिविधियों को गति देना महत्वपूर्ण होगा। प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी के बीच हुई मुलाकात को इसी दिशा में आगे की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
पार्टी की रणनीति में विधायकों, जिला इकाइयों और वरिष्ठ नेताओं के बीच तालमेल के साथ जनहित के मुद्दों को प्रमुखता देने पर जोर रहने की संभावना है।
परगट सिंह के सामने प्रदेश कांग्रेस को एकजुट रखते हुए आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने और जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की जिम्मेदारी है। दिल्ली में हुई इस बैठक के बाद अब प्रदेश कांग्रेस की आगामी गतिविधियों और संगठनात्मक फैसलों पर नजर रहेगी।
