'गेंद मिलते ही पास करूंगा', पंजाब कांग्रेस की एकजुटता के लिए लागू होगा हॉकी फॉर्मूला; परगट सिंह ने बताया प्लान
पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष परगट सिंह ने पार्टी में एकजुटता का संदेश देते हुए कहा है कि सभी नेताओं का एक ही उद्देश्य पंजाब की बेहतरी है।

पंजाब में लागू होगा हॉकी फॉर्मूला (परगट सिंह सोशल मीडिया हैंडल)
HighLights
परगट सिंह ने पंजाब कांग्रेस में एकजुटता और सामूहिक नेतृत्व पर जोर दिया
उन्होंने 'हॉकी फॉर्मूला' से बताया कि गेंद आगे बढ़ाई जाएगी
नए अध्यक्ष के लिए सभी गुटों को साथ लाना मुख्य चुनौती
डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश देते हुए कहा है कि सभी कांग्रेस नेताओं का एक ही उद्देश्य है।
पंजाब की बेहतरी के लिए बात करना और पंजाब के लिए काम करना। उन्होंने कहा कि राजनीति भी किसी खेल की टीम की तरह है। टीम में हर खिलाड़ी की अपनी भूमिका होती है और सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होती है।
एक बातचीत में परगट सिंह ने कहा कि कांग्रेस के कई नेता उनसे वरिष्ठ हैं और वह सभी का सम्मान करते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और युवा नेतृत्व की ऊर्जा, दोनों की जरूरत है।
कुछ गुण और कमियां हो सकती है: परगट सिंह
उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी में कुछ अच्छे गुण होते हैं तो कुछ कमियां भी रहती हैं। वह खुद को भी इससे अलग नहीं मानते। उनमें भी कुछ बेहतर गुण हैं और कुछ कमियां हो सकती हैं।
परगट सिंह ने अपनी भूमिका को हॉकी के ‘फुल बैक’ खिलाड़ी से जोड़ते हुए कहा कि वह टीम के फुल बैक खिलाड़ी हैं। गेंद उनके पास आएगी तो वह उसे अपने पास रखने के बजाय आगे बढ़ाने के लिए दूसरे साथी खिलाड़ी को दे देंगे।
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उनके इस बयान को कांग्रेस में सामूहिक नेतृत्व और मिलकर चुनाव लड़ने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। आम आदमी पार्टी और उसके राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए परगट सिंह ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली से पंजाब में आए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब ने कभी नफरत की राजनीति नहीं सिखाई। पंजाब की पहचान आपसी भाईचारे और इंसानियत की रही है।
गुटों को एक मंच पर लाया जाएगा: परगट सिंह
प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद परगट सिंह लगातार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर उन्हें साथ लेकर चलने का संदेश दे रहे हैं। वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी है।
हालांकि, पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान पूरी तरह खत्म हुई है या नहीं, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। चुनावी मोड में आने के बाद परगट सिंह के लिए सबसे बड़ी चुनौती सभी गुटों को एक मंच पर लाकर पूरी टीम को साथ लेकर चलने की होगी।
