चंडीगढ़, जेएनएन। बोर्ड एग्जाम के लिए अब स्टूडेंट्स को पहले से दो गुणा ज्यादा एग्जामिनेशन फीस अदा करनी होगी। जो फीस पहले पांच सौ रुपये थी वहीं अब 15 सौ रुपये देनी होगी। यह फीस शहर के सरकारी और प्राइवेट स्कूल स्टूडेंट्स से क्लेक्ट करके नवंबर-दिसंबर 2019 में सीबीएसई बोर्ड को जमा कराएंगे।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने सर्कुलर जारी करते हुए सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि इस बार एग्जामिनेशन फीस 15 सौ रुपये चार्ज करनी होगी। वहीं अगले साल से अगर कोई बच्चा 10वीं या 12वीं कक्षा में फेल है तो भी रिएडमिशन के लिए पांच हजार रुपये फीस होगी। जो कि अब तक 15 सौ रुपये तक थी।

इसी प्रकार से माइग्रेशन फीस 150 से 350 रुपये कर दी गई है। 35 हजार स्टूडेंट्स पर पड़ेगा बढ़ी फीस का असर शहर में दसवीं और बारहवीं कक्षा का एग्जाम देने वाले करीब 35 हजार स्टूडेंट्स हैं। यह स्टूडेंट्स सरकारी के अलावा प्राइवेट स्कूलों के भी हैं। उल्लेखनीय है कि दसवीं और बारहवीं कक्षा के स्टूडेंट्स के सीबीएसई बोर्ड से एग्जाम होते हैं। एग्जाम सीबीएसई दिल्ली सेंटर की तरफ से कराए जाते हैं।

चंडीगढ़ के सभी स्कूल सरकारी और प्राइवेट स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त हैं। सीबीएसई की तरफ से फीस को बड़ी जल्दी बढ़ाया है जो कि पूरी तरह से गलत है। एक दम से इतनी फीस बढ़ाने से बच्चों को सेकेंडरी एजुकेशन देना ही मुश्किल साबित होगा।

यह कहते हैं अभिभावक

- सुनीता का कहना है कि सरकारी स्कूलों के कई अभिभावक ऐसे हैं, जोकि 15 सौ रुपये एग्जामिनेशन फीस या फिर रिएडमिशन के लिए पांच हजार रुपये तक दें सके। बच्चों की शिक्षा बीच में ही छूट जाएगी।

- शिवम ठाकुर का कहना है कि फीस बढ़ाने का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ेगा। बोर्ड की तरफ से बहुत ज्यादा फीस बढ़ा दी गई है जो कि पूरी तरह से गलत है।

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