जेएनएन, चंडीगढ़। कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ ही पंजाब में ऑक्सीजन की मांग भी बढ़ती जा रही है। पिछले चार दिन से 225 से 230 टन तक रहने वाली मांग अब 250 टन से ज्यादा हो गई है। क्योंकि ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। आंकड़े बताते हैं कि राज्य में रोजाना ऐसे मरीजों की संख्या में 500 से ज्यादा की वृद्धि हो रही है। इस बीच, कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ऑक्सीजन का मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष उठाएं। हमें पाकिस्तान से ऑक्सीजन लेने की इजाजत दी जाए।

पांच मई तक राज्य में 8457 मरीजों को ऑक्सीजन व 240 को वेंटीलेटर की जरूरत पड़ी, जबकि चार मई को यह संख्या 8265 थी। केंद्र ने बोकारो प्लांट से पंजाब का कोटा बढ़ाया है लेकिन वहां से ऑक्सीजन टैंकर पंजाब पहुंचने में तीन दिन लग रहे हैं। पंजाब को से 60, पानीपत से 20, रुड़की से 15, देहरादून से 10 और बोकारो से 90 टन की सप्लाई का कोटा दिया गया है।

सरकार का दावा है कि इन सभी प्लांटों से पंजाब को केवल 140 टन की सप्लाई ही मिल पाती है। इसका मुख्य कारण बोकारो से मिलने वाली सप्लाई में होने वाली देरी को बताया गया है। वहीं, थोड़ी राहत वाली बात यह है कि राज्य में ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता में भी वृद्धि हुई है। अब पंजाब में ऑक्सीजन का उत्पादन 80 टन के करीब पहुंच चुका है। इंडस्ट्री विभाग के डायरेक्टर सी. सिब्बन ने कहा कि केंद्र ने 227 टन ऑक्सीजन का कोटा कर दिया है।

पाकिस्तान से ऑक्सीजन लेने का मामला मोदी के समक्ष उठाएं कैप्टन

कैप्टन पर विभिन्न मुद्दों पर हमलावर रुख अपनाने वाले राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा और शमशेर सिंह दूलो ने पंजाब सरकार की ओर से कोरोना से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की सराहना की और यह भी पूछा कि वह किस प्रकार मदद कर सकते हैं। राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ऑक्सीजन का मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष उठाएं। हमें पाकिस्तान से ऑक्सीजन लेने की इजाजत दी जाए। बोकारो से ऑक्सीजन मिलने में तीन दिन का समय लग रहा है जबकि पाकिस्तान से यह केवल एक घंटे में मिल जाएगी। जब चीन से दवाएं मंगवाई जा सकती हैं तो पाकिस्तान से ऑक्सीजन क्यों नहीं मंगवाई जा सकती।