मोहाली [संदीप कुमार]। होईकोर्ट ने ऑटो में सवारियों की संख्या पांच निर्धारित की है। इस संबंध में सभी आरटीओ को निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं। बावजूद इसके विभाग की ओर से औपचारिकता नहीं निभाई जा रही। जिले में ऑटो चालक अपनी साथ अतिरिक्त सीट लगाकर सवारियां बैठाते हैं। अंदर तीन के बजाय छह यात्री बैठे होते हैं, वहीं पीछे सीट लगाकर भी सवारियों को बैठाया जाता है। ऑटो में जगह न होने के बाद भी सवारियां मिल जाएं तो चालक सवारियों को पायदान पर खड़ा करवा लेते हैं। जिले में ऑटो चालक ऐसे ही अपनी मनमर्जी चलाते हुए ट्रैफिक नियमों को ताक पर रखकर चलते हैं। ओवरलोड होने से हादसा होने की आशंका बनी रहती है। चौराहों और नाकों पर पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ऑटो चालकों पर बेखौफ चलते हैं।

मोहाली शहर में बस सर्विस कम होने के कारण ऑटो ही आवागमन का सबसे बड़ा माध्यम है। जिस वजह से लोगों के लिए ऑटो में सफर करना मजबूरी बन गया है। लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए ऑटो चालक मनमानी करते हैं। मौजूदा समय में जिले में 26,530 से ज्यादा ऑटो चल रहे हैं। एक ऑटो में बैठाए जाते हैं 12 से 15 बच्चे जिले में स्कूलों के बाहर वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जाता है। एक-एक ऑटो में 12 से 15 बच्चे बैठाए जाते हैं। कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि ऑटो पर भी स्कूल बस की तरह नाम, फोन नंबर अनिवार्य रूप से होना चाहिए, परंतु यह कानून ऑटो वाले नहीं मानते। आश्चर्य की बात यह है कि वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाने पर अभिभावक भी विरोध नहीं करते। जबकि पिछले दिनों की गई कार्रवाई में यातायात पुलिस ने अभिभावकों को भी जागरूक किया था। ऑटो व अन्य स्कूल वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने से यह बात प्रमाणित होती है कि चालकों में पुलिस का खौफ नहीं रहा।

चालक के साथ लगी है अवैध सीट
ऑटो चालकों ने ऑटो में अपने साथ वाली सीट के दोनों ओर अवैध सीट बनवाई हुई है। ये सीटें पूरी तरह अवैध हैं। इन सीटों पर कई बार बुजुर्ग और महिला सवारियां भी बैठी होती हैं। इन सीटों से यात्रियों के गिरने का भी खतरा बना रहता है। कई चालकों ने ऑटो स्कूलों में लगाए हुए हैं। स्कूली ऑटो चालक भी ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं। वीरवार दोपहर को गुरुद्वारा सिंह शहीदां के पास एक ऑटो में स्कूल के बच्चे बैठे दिखे। इस ऑटो में तीन के बजाय 10 से ज्यादा बच्चे ठूंस-ठूंस कर भरे हुए थे।

हम समय-समय पर जागरुकता अभियान चलाते हैं और जरुरत पड़ने पर चालान भी काटे जाते हैं। पिछले दिनों लगातार कार्रवाई करने के बाद भी यदि ऑटो में बच्चों की संख्या कम नहीं की गई है तो फिर से कार्रवाई की जाएगी। क्षमता से अधिक सवारियां या स्कूल के बच्चे बिठाने वालों के खिलाफ ट्रैफिक मुलाजिमों तुरंत चालान काटने की पहले से हिदायतें दी गई है।
केसर सिंह, एसपी ट्रैफिक मोहाली।

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!