जागरण संवाददाता, पंचकूला : हरियाणा के कृषि, विकास एवं पंचायत मंत्री ओपी धनखड़ ने कहा है कि जिला परिषद के सदस्य एवं अधिकारी आपसी तालमेल से कार्य करे, ताकि सकारात्मक परिणाम सामने आएं। उन्होंने हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव को कहा कि जो भी जिला परिषद बेहतर कार्य करती है, उनका चयन कर सम्मानित भी अवश्य करवाएं। धनखड़ मंगलवार को जिला सचिवालय के सभागार में जिला परिषद के सदस्यों व अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। धनखड़ ने जिला परिषद के अधिकारियों एवं सदस्यों की समस्याओं को भी सुना और उनके निपटान का भी भरोसा दिलाया कि प्राथमिकता के आधार पर उनका निदान किया जाएगा। बैठक में जिला परिषद की चेयरपर्सन रितु सिंगला ने जिला परिषद के कार्यालय की समस्याओं के बारे में मंत्री को अवगत करवाया। उन्होंने लिकर फंड को किस तरह और किन-किन कार्यो में प्रयोग किया जा सकता है, की दिशा में भी मार्गदर्शन मागा। फंड्स के बंटवारे का मामला भी उठा बैठक में निर्णय लिया गया कि इसका निर्णय जिला परिषद स्वयं ले और सुनिश्चित करे कि इसका प्रयोग किन-किन कार्यो के लिए किया जाना है। इसके अलावा चेयरपर्सन ने फंडों के बंटवारे, ई-टेडरिग के बारे में भी मुद्दा उठाया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विकास कार्यो के लिए ई-टेंडरिग को निर्धारित समय में करना सुनिश्चित करें, ताकि विकास कार्य करने में देरी न हो। सफाई कर्मियों के बारे में कहा, वे नहीं सुनते हमारी परिषद के सदस्यों ने गाव में सफाई कर्मचारियों का मुद्दा भी उठाया कि वे हमें सहयोग नहीं दे रहे। इस पर मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे सरपंच के अधीन हैं और जिला परिषद के सदस्य सरपंच से तालमेल करके साफ-सफाई का कार्य करवाएं। कुछ सदस्यों ने गलियों की लाइटों को ठीक करवाने की माग भी रखी। बस क्यू शेल्टर का मुद्दा उठा सदस्यों ने मंत्री के समक्ष ओडीएफ के दौरान शौचालयों के निर्माण की राशि के भुगतान की बात भी रखी। उन्होंने बस क्यू शेल्टर के मुद्दे को भी मंत्री के समक्ष उठाया। इसके साथ-साथ स्टाफ की कमी के बारे में मंत्री को अवगत करवाया, जिस पर उन्होने भरोसा दिलाया कि प्रधान सचिव प्राथमिकता के आधार पर उनकी समस्या का निदान करवाएंगे। ये रहे मौजूद बैठक में पंचकूला के विधायक एवं मुख्य सचेतक ज्ञानचंद गुप्ता, कालका की विधायक लतिका शर्मा, हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त उपायुक्त मुकुल कुमार, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशि वसुंधरा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी उत्तम ढालिया, पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता अशोक श्योकंद उपस्थित रहे।